पर्युषण महापर्व: नवयुवकों ने पोषध की तपस्या में एक दिन का साधु जीवन जिया

ज्ञानमंदिर में संवत्सरी क्षमापर्व, चैत्य परिपाटी जुलूस निकला, तपस्वियों का हुआ बहुमान….
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उज्जैन। पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन 31 अगस्त को श्री राजेन्द्रसूरी जैन ज्ञानमंदिर नमकमंडी में क्षमायाचना का पर्व संवत्सरी मनाया गया। प्रात: पूजन स्नात्र के पश्चात गुजरात से आए गुरुभक्त पार्थ बोहरा, प्रीत संघवी एवं राज चंडालिया द्वारा प्रात: बारसा सूत्र वाचन के साथ क्षमापना का महत्व बताया गया एवं बारसा सूत्र का सभी को दर्शन कराया गया।
श्रीसंघ की ओर से अध्यक्ष राजबहादुर मेहता द्वारा सभी से क्षमायाचना की गई। सचिव संजय कोठारी द्वारा संचालित कार्यक्रम में विधायक पारस जैन, प्रताप मेहता, माणकलाल गिरिया द्वारा श्रीसंघ की और से तो नवयुवक परिषद अध्यक्ष हुकुम चोरडिय़ा द्वारा परिषद परिवार की ओर से तीनों गुरु भाइयों एवं तपस्वियों का बहुमान किया गया। आठ उपवास की तपस्या करने वाले तपस्वी कमलेश कोचचट्टा, शैलेन्द्र तल्लेरा, अभिषेक सकलेचा, सिद्धार्थ मेहता, छाया मेहता, जूली गोलेचा, शीतल कोठारी, संजना चोरडिय़ा, मोनाली चोरडिय़ा, प्रणम्य नारेलिया, दर्शन नारेलिया एवं वर्षीतप के तपस्वी गिरीश कोठारी, इलायची बेन कोचट्टा के तप एवं त्याग की अनुमोदना कर बहुमान किया गया।
38 तपस्वियों द्वारा पोषध की तपस्या की गई जिसके द्वारा तपस्वियों ने एक दिन साधु जीवन के रूप में व्यतीत किया। प्रकाश शैलेन्द्र तल्लेरा परिवार द्वारा गुरुदेव की आरती का लाभ लिया गया। मीडिया प्रभारी नितेष नाहटा एवं वीरेन्द्र गोलेचा ने बताया कि सभा के बाद चैत्य परिपाटी जुलूस निकाला गया। दोपहर 3 बजे संवत्सरी प्रतिक्रमण प्रारंभ हुआ जिसमें शामिल होकर सभी जीवयोनियों से जाने अनजाने हुई गलतियों के लिए मिच्छामिदुक्ड़म के साथ क्षमायाचना की गई।
नौ दिन नवकार आराधना का समापन
अवंति पाश्र्वनाथ मंदिर पर की जा रही नौ दिन नवकार आराधना का समापन बुधवार को हुआ। समापन अवसर पर सर्वाधिक आराधकों ने जाप किए जिसमें बच्चे से लेकर 90 वर्ष के बुजुर्ग दंपति ने भी आराधना की। अवंतिजी मंदिर ढाबा रोड पर पर्यूषण महापर्व पर आयोजित नवकार आराधना बुधवार को भी अवंतीजी के समक्ष दीपक जलाकर धूप अगरबत्ती करके प्रारंभ हुई। बंपर गिफ्ट के लाभार्थी जिनेश वर्षा परिवार रहे।
दशलक्षण पूजन के साथ दिगंबर जैन समाज का पर्यूषण पर्व शुरू
दिगंबर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व बुधवार से प्रारंभ हो गए। ‘दशलक्षण पूजन मंडल, जयसिंहपुरा के तत्वावधान में नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर नित्य पूजन किया गया। अल सुबह धर्मावलंबी जिन प्रतिमा प्रक्षालन एवं जिनेंद्र देव की पूजा-अर्चना में पुरुष व महिलाएं पूर्ण मनोयोग से जुट जाते हैं। मंडल अध्यक्ष अरविंद जैन ने बताया कि पंचमी 31 अगस्त से चतुर्दशी 9 सितंबर तक 10 लक्षण धर्म की नित्य पूजन होगी। इसमें उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य ,सोच, संयम, तप, त्याग अकिंचन, ब्रह्मचर्य की प्रतिदिन पूजन आराधना की जाती है। मंडल के इस पूजन कार्य में युवा वर्ग का लगाव बढ़ रहा है।