Monday, January 30, 2023
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फ्रीगंज की सुंदरता बिगाड़ रहे अवैध निर्माण व कब्जे

अब गलियों पर भी कब्जा, कहीं गेट लगाए तोकहीं हो गए निर्माण

उज्जैन। अंग्रेजों के समय बनाए गए फ्रीगंज क्षेत्र की बनावट अवैध निर्माण और अतिक्रमण के चलते बदरंग हो गई है। यहां आम लोगों के पैदल चलने के लिए बनाए गए पोर्च पर पहले ही अवैध निर्माण कर खत्म से कर दिए गए हंै। वहीं अब फ्रीगंज क्षेत्र में मकानों के बीच बनी गलियोंं पर भी कब्जा हो गया है। इन गलियों में कहीं पर दरवाजे लगाकर बंद कर दिए गए हैं तो अवैध निर्माण तक कर लिए गए हैं।

फ्रीगंज की जब बसाहट की गई थी तो इसकी प्लानिंग लंदन की तर्ज पर की गई थी। यहां हर ओर चौराहे निकाले गए तो हर चौराहे पर कट दिए गए थे। वहीं मकानों के बीच गलियां निकाली गई थी। इन गलियों को बनाने का उद्देश्य यह था कि सफाई के साथ ही आसानी से एक रास्ते से दूसरे रास्ते पर निकला जा सके। बीते सालों में इन गलियों पर कब्जा होता आया है। करीब छह फीट चौड़ी इन गलियों पर कहीं पर अवैध निर्माण कर लिए गए हैं।

स्थिति यह है कि कब्जे व अवैध निर्माण के चलते इनका उपयोग ही बंद हो गया है। बताया जा रहा है फ्रीगंज मेंं इस तरह की करीब 50 से अधिक गलियां है। वर्तमान में कुछ को छोड़कर अधिकांश पर कब्जे हो गए हंै। यहां तक कि कुछ गलियों पर तो बकायदा गेट लगाकर कब्जा कर व्यक्तिगत इस्तेमाल ही किया जा रहा है। जबकि इन गलियों का उपयोग आम लोगों को पैदल जाने के लिए होना था।

कट चौराहे पर गुमटी, खत्म हुई सुंदरता

फ्रीगंज क्षेत्र में पोर्च और गलियां ही नहीं यहां कट चौराहे बनाए गए थे। इन कट चौराहों पर चारोओर जगह खुली रखी गई थी। खुले स्थान के कारण फ्रीगंज क्षेत्र में सुंदरता के साथ इन जगह का उपयोग पार्किंग के लिए भी की जा सके। स्थिति यह है कि इन चौराहों पर गुमटी काबिज हो गई और कट चौराहे एक तरह से खत्म ही हो गए। कट चौराहे की इन खुली जगह पर पक्के निर्माण तक हो गए हैं।

पोर्च पर अवैध निर्माण, नहीं निकल सकते पैदल

फ्रीगंज क्षेत्र में दुकानों के सामने पोर्च बनाए गए थे। उद्देश्य था कि आम लोग सड़क की बजाय इन पोर्च के माध्यम से पैदल निकल सके। बीते सालों में यह पोर्च पर अवैध निर्माण के साथ ही अतिक्रमण हो गया है। पोर्च के ऊपर निर्माण कर लिए गए हैं तो कहीं पोर्च की जगह पर कब्जा कर निर्माण कर लिए गए हैं। यही नहीं पोर्च को एक जैसे रखने की बजाए उंचे ओटले तक निकाल लिए है। लिहाजा यह पोर्च पैदल चलने लायक नहीं रहे। अगर कहीं जगह है तो दुकानदारों ने सामान रखकर अतिक्रमण कर लिया है।

प्लानिंग से होगी कार्रवाई

फ्रीगंज के पोर्च और गलियों से कब्जे हटाने के साथ शहर में दूकानों के बाहर सामान रखकर व्यवसाय करने वालों पर कार्रवाई होगी। जल्द ही नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और आरटीओ मिलकर इसकी प्लानिंग करेंगे। टीम बनाकर सतत कार्रवाई होगी। -मुकेश टटवाल, महापौर नगर निगम उज्जैन।

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