Tuesday, February 7, 2023
Homeउज्जैन समाचारमहाकाल मंदिर के प्रवेश में बदलाव

महाकाल मंदिर के प्रवेश में बदलाव

नववर्ष के मद्देनजर महाकाल मंदिर के प्रवेश में बदलाव,

4 लाख से ज्यादा भक्तों के आने की उम्मीद

31 दिसंबर और 1 जनवरी को प्रवेश महाकाल लोक से

उज्जैन।बीते कुछ सालों से अंग्रेजी वर्ष के अंतिम दिन और नववर्ष के पहले दिन भगवान महाकाल के दर्शन कर आर्शीवाद लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी इजाफा होता जा रहा है और यह क्रम निरंतर बढ़ता जा रहा है। महाकाल लोक बनने के बाद तो श्रद्धालुओं की इस बार 31 दिसंबर और 1 जनवरी को लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखकर महाकाल मंदिर के प्रवेश की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। इन दो दिनों में श्रद्धालुओं को महाकाल लोक के रास्ते मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

नए साल की शुरुआत लाखों लोग भगवान महाकाल के दर्शन कर करते हैं। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति का इस बार श्रद्धालुओं को सिर्फ 40 मिनट में महाकाल के दर्शन कराने का प्लान है। श्रद्धालुओं को महाकाल लोक से ही प्रवेश मिलेगा। न्यू ईयर पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के यहां आने की उम्मीद है।

बाबा महाकाल की भस्मआरती के बाद सुबह दर्शन का सिलसिला प्रारंभ होगा। आमतौर पर दर्शन में 1 घंटा लगता है। इस बार तीन लेयर में लाइन लगेगी। 2022 के अंतिम दिन 31 दिसंबर को शनिवार और 2023 के पहले दिन 1 जनवरी को रविवार है। छुट्टी का दिन होने से महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। महाकाल लोक की वजह इस बार पहले के बीते सालों की तुलना में अधिक भीड़ हो सकती है।

ऑनलाइन भस्म आरती के लिए बुकिंग ब्लॉक

महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने हर साल की तरह इस साल भी ऑनलाइन होने वाली भस्म आरती की अनुमति 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए ब्लॉक कर दी है।अनुमति ऑफलाइन मिल सकेगी।

5 जनवरी तक गर्भगृह में प्रवेश बंद

महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश भी बंद कर दिया गया है। मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में 5 जनवरी तक श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश बंद रखने का निर्णय हुआ था। इस दौरान केवल मंदिर के पंडे-पुजारी ही गर्भगृह में प्रवेश कर सकेंगे। अन्य दर्शनार्थी बैरिकेड्स के बाहर से दर्शन लाभ ले सकते हैं।

महाकाल में दर्शन व्यवस्था

श्रद्धालुओं को हरसिद्धि मंदिर की ओर से प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस बार श्रद्धालु महाकाल लोक से प्रवेश करेंगे। तीन लेयर बैरिकेड्स नंदी द्वार से फैसिलिटी सेंटर-2 मानसरोवर बिल्डिंग तक की जा रही है। यहां से ही श्रद्धालु प्रवेश करने के बाद मंदिर के गणेश मंडपम तक पहुंचेंगे। श्रद्धालु चारधाम मंदिर वाली रोड की ओर बाहर निकलेंगे।

जूता स्टैंड और पार्किंग

31 दिसंबर और 1 जनवरी के दिन श्रद्धालु को महाकाल लोक के नंदी द्वार से प्रवेश मिलेगा। जूता स्टैंड त्रिवेणी संग्रहालय के पास बनाया जाएगा। देवास, इंदौर, भोपाल की ओर से आने वाले श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय और चारधाम मंदिर पार्किंग पर अपने वाहन खड़े कर सकेंगे। गुजरात से बडऩगर होकर आने वाले और राजस्थान की ओर से आगर होते हुए आने वाले श्रद्धालु कर्कराज पार्किंग, कार्तिक मेला ग्राउंड में गाडिय़ां पार्क कर सकेंगे।

महाकाल परिसर में मोबाइल बैन हो चुका…

महाकाल मंदिर परिसर में पिछले मंगलवार से मोबाइल के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। फिल्मी गानों पर वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले सामने आने के बाद मंदिर प्रबंध समिति ने यह निर्णय लिया है। इसके लिए दो हफ्ते पहले से व्यवस्था बनाना शुरू कर दी गई थी।

हालांकि महाकाल लोक में मोबाइल के प्रतिबंध पर रोक नहीं रहेगी। बता दें कि महाकाल मंदिर में मोबाइल का उपयोग रोकने के लिए अलग-अलग स्थानों पर दस हजार से अधिक लॉकर बनाए गए हैं। इसमें मोबाइल रखने के बाद संबंधित को विधिवत रसीद दी जाती है। दर्शन के पश्चात रसीद दिखाने पर मोबाइल लौटाया जाता है। मोबाइल प्रतिबंध के बावजूद किसी तरह महाकाल मंदिर में मोबाइल ले जाने वालों पर मंदिर समिति जुर्माना भी लगा रही है और एक मोबाइल पर २०० रुपए का जुर्माना लिया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसे सख्ती से लागू कर दिया जाएगा।

जरूर पढ़ें

मोस्ट पॉपुलर