मौत के बाद मिली सजा, मृत अधिकारी के रिश्तेदारों की संपत्ति होगी जब्त

By AV NEWS

उज्जैन जिले में पदस्थ रहे पूर्व डिप्टी कलेक्टर के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में विशेष न्यायालय का आदेश

अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन:वर्षों तक उज्जैन जिले में पदस्थ रहे राजस्व अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में विशेष न्यायालय अधिकारी की मृत्यु के बाद फैसला सुनाया है। मामले में विशेष न्यायालय ने पूर्व डिप्टी कलेक्टर के रिश्तेदारों की पत्नी, बेटी, दामाद के साथ समधन की पौने दो करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है। अधिकारी की सरकारी सेवा में पहली नियुक्ति 19 नवंबर 1975 को निम्न श्रेणी लिपिक के रूप तराना (जिला उज्जैन) में हुई थी। छापे के दौरान सोनी की ज्ञात एवं वैध आय से असमानुपातिक संपत्ति (356.96 प्रतिशत) अधिक पाई गई थी।

भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व डिप्टी कलेक्टर हुकुमचंद सोनी को कोर्ट ने सजा सुनाई है। मृत डिप्टी कलेक्टर की पत्नी, छह बेटियों के साथ दामाद और समधन के नाम पौने दो करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त कर शासन को सौंपने का आदेश कोर्ट ने सुनाया है।

सोनी के यहां शाजापुर में पदस्थ रहते हुए 2011 में लोकायुक्त का छापा पड़ा था। छापे में डिप्टी कलेक्टर सोनी को भ्रष्टाचार कर आय से अधिक संपत्ति अपने व रिश्तेदारों के नाम अर्जित करने का दोषी माना गया। वर्ष 2017 में आरोपित अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार से अर्जित असमानुपातिक संपत्ति एक करोड़ 77 लाख 55 हजार 751 रुपए को शासन के पक्ष में जब्त किए जाने के लिए आवेदन धारा 13 (1) मप्र विशेष न्यायालय अधिनियम 2011 के तहत प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में सुनवाई के दौरान आरोपी की मृत्यु हो गई।

शासकीय सेवा का सफर उज्जैन जिले से प्रारंभ हुआ था

हुकुमचंद सोनी की सरकारी सेवा में पहली नियुक्ति 19 नवंबर 1975 को निम्न श्रेणी लिपिक (एलडीसी) के रूप में तराना में हुई थी। सोनी जिला उज्जैन के विभिन्न स्थानों में पदस्थ थे। विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पदोन्नति पाते हुए नायब तहसीलदार, तहसीलदार एवं डिप्टी कलेक्टर तक पहुंच गए। 2011 में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने छापा मारा था। इसमें ज्ञात एवं वैध आय से असमानुपातिक संपत्ति (356.96 प्रतिशत) अधिक पाई गई थी। लोकायुक्त ने कोर्ट में कहा कि अपने अधिकारों का अवैध लाभ अर्जित कर सोनी ने स्वयं की पत्नी व पुत्रियों के नाम पर मकान, प्लाट, वाहन आदि अर्जित किए। न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पर विश्वास कर अधिहरण का आदेश पारित किया।

इनसे की जाएगी वसूली

वैशाली नगर मंगल कालोनी उज्जैन के मूल निवासी सोनी के स्वजन जिनमें पत्नी सुषमा के साथ छह पुत्रियां अंजलि, सोनालिका, प्रीति, सरिता, प्रमिला (मृत) और रेखा वर्मा के साथ बेटी सोनालिका की सास और रेखा के पति अजय वर्मा की चल-अचल संपत्ति और बीमा पालिसियों से उक्त राशि की वसूली के लिए कलेक्टर उज्जैन के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश पारित कर दिया। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक डा. पदमा जैन ने की।

भ्रष्ट आचरण व्यक्ति की मृत्यु उपरांत भी दिखाई देता है

भ्रष्टाचार के इस मामले में विशेष न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार समाज व परिवार के लिए खतरनाक है। भ्रष्ट आचरण प्रभावित व्यक्ति के जीवनपर्यंत और मृत्यु उपरांत भी दिखाई देता है। ऐसा कृत्य निंदनीय है और उदारता के योग्य नहीं होता है। मछली पानी में रहते हुए कब पानी पीती है या नहीं पीती है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

उसी प्रकार सरकारी सेवक कब अपने पद का दुरुपयोग कर सकता है या नहीं, इसका अंदाजा लगाना भी कठिन होता है। जिला अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव के अनुसार शनिवार को मप्र विशेष न्यायालय अधिनियम 2011 के तहत गठित विशेष न्यायालय इंदौर ने प्रकरण क्रमांक 20/2017 में आदेश पारित करते हुए प्रभावित हुकुमचंद सोनी तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर शाजापुर के खिलाफ आदेश पारित किया।

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