रेलवे ने बदले टिकट कैंसिलेशन के नियम, 8 घंटे से पहले कैंसिल करने पर नहीं मिलेगा रिफंड

भारतीय रेलवे ने अपनी टिकट कैंसिलेशन पॉलिसी में बदलाव किया है। अगर आप ट्रेन चलने के 8 घंटे से कम समय के पहले अपना टिकट कैंसिल कराते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। अगर यात्रा के 72 घंटे से अधिक समय पहले टिकट कैंसिल किया जाता है, तो अधिकतम रिफंड दिया जाएगा।

अगर आप 72 से 24 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराते हैं, तो टिकट प्राइस का 25% काट लिया जाएगा। वहीं, अगर आप 24 से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराते हैं, तो टिकट प्राइस का 50 फीसदी काट लिया जाएगा। भारतीय रेलवे ने कन्फर्म टिकटों के कैंसिलेशन नियमों में ही नहीं, बल्कि बोर्डिंग पॉइंट (चढ़ने के स्टेशन) से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे।
ये हैं रेलवे के नए नियम
यदि कोई यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे अधिकतम रिफंड मिलेगा। इसमें प्रति यात्री केवल एक निश्चित (फ्लैट) कैंसिलेशन शुल्क काटा जाएगा।
72 घंटे से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर किराए का 25% काटा जाएगा (न्यूनतम शुल्क लागू रहेगा)।
24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर किराए का 50% काटा जाएगा (न्यूनतम शुल्क लागू रहेगा)।
यदि टिकट 8 घंटे से कम समय पहले कैंसिल किया जाता है, तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
बोर्डिंग पॉइंट बदलने का नया नियम
भारतीय रेलवे ने अब यात्रियों को ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति दे दी है। यह सुविधा खासकर उन शहरों में फायदेमंद होगी, जहां कई रेलवे स्टेशन होते हैं, क्योंकि यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकते हैं। फिलहाल, बोर्डिंग पॉइंट बदलने की अनुमति केवल चार्ट बनने से पहले ही होती थी। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह बदलाव यात्रियों को अधिक सुविधा देने और सिस्टम को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
दलालों पर लगाम लगाने की कोशिश
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जांच में पाया गया कि कुछ दलाल अतिरिक्त टिकट बुक कर लेते थे और ट्रेन चलने से पहले बचे हुए टिकट कैंसिल कर देते थे, जिससे उन्हें काफी रकम रिफंड के रूप में वापस मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि रिफंड नियमों को सख्त करने से इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगेगी।
पुराने टिकट कैंसिलेशन नियम क्या थे?
48 घंटे से पहले टिकट कैंसिल कराने पर प्रति यात्री एक निश्चित शुल्क काटा जाता था। एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए 240 रुपये+GST काटा जाता था। वहीं, एसी चेयर कार के लिए 180 रुपये+GST काटा जाता था।
48 घंटे से 12 घंटे के बीच टिकट कैंसिल कराने पर किराए का 25% काटा जाता था (न्यूनतम शुल्क लागू)। 12 घंटे से 4 घंटे के बीच टिकट कैंसिल कराने पर किराए का 50% काटा जाता था (न्यूनतम शुल्क लागू)। यदि टिकट को ट्रेन के निर्धारित समय से 4 घंटे पहले तक कैंसिल नहीं किया गया या TDR (टिकट डिपॉजिट रसीद) फाइल नहीं की गई, तो कोई रिफंड नहीं मिलता था।









