कल से बिना ओटीपी गैस की डिलीवरी नहीं

मई का महीना आम आदमी की रसोई के बजट और गैस सिलेंडर के इस्तेमाल में बड़े बदलाव लेकर आ रहा है। 1 मई 2026 से देशभर में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और वितरण व्यवस्था को लेकर नई गाइडलाइंस लागू होने जा रही हैं। सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि इन बदलावों का मकसद कालाबाजारी पर रोक लगाना और सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाना है।

डिलीवरी के लिए OTP अनिवार्य
नए नियमों के तहत अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी बिना OTP के संभव नहीं होगी। जैसे ही डिलीवरी बॉय आपके घर पहुंचेगा, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड – DAC) भेजा जाएगा। इस कोड को बताए बिना सिलेंडर की डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी।
अगर आपका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी में अपडेट नहीं है, तो डिलीवरी के समय ही उसे अपडेट किया जा सकेगा और उसके बाद OTP जनरेट होगा। यह कदम फर्जी डिलीवरी और गलत पते पर सिलेंडर पहुंचने जैसी समस्याओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
बुकिंग के बीच बढ़ेगा गैप
नए नियमों के अनुसार, अब एक सिलेंडर लेने के तुरंत बाद दूसरा बुक नहीं किया जा सकेगा। शहरी इलाकों में दो बुकिंग के बीच कम से कम 21 से 25 दिनों का अंतर अनिवार्य किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि एक घरेलू सिलेंडर औसतन तीन हफ्ते चलता है, इसलिए यह नियम जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने में मदद करेगा। हालांकि, कमर्शियल सिलेंडर उपयोगकर्ताओं के लिए यह नियम अलग हो सकते हैं।
क्या होगा असर?
इन नए नियमों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। जहां एक ओर पारदर्शिता बढ़ेगी, वहीं लोगों को अपनी गैस खपत की बेहतर प्लानिंग भी करनी होगी। OTP सिस्टम से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और बुकिंग गैप से अनावश्यक स्टॉकिंग कम होगी।कुल मिलाकर, ये बदलाव गैस वितरण प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।









