Tuesday, February 7, 2023
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शहर की सड़कों पर फैला ‘अंधेरा’ भारी पड़ रहा नगर निगम को…

उपकरणों की कमी से ठीक नहीं हो रहीं स्ट्रीट लाइटें, जो चालू वह भी हो रही बंद

उज्जैन। तमाम कवायदों के बावजूद नगर निगम पूरी स्ट्रीट लाइटों को चालू नहीं करा पा रहा है, क्योंकि कंपनी द्वारा इन्हें ठीक करने के लिए उपकरणों की सप्लाई नहीं कर रही है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत निजी कंपनी द्वारा बदली गई शहर की स्ट्रीट लाइट के मेंटेनेंस और ऑपरेटिंग के मामले में कंपनी की कार्यप्रणाली ठीक नहीं होने वार्डों में अंधेरा रहने के कारण लोग अब पार्षदों से शिकायतें कर रहे हैं। ऐसे में पार्षद अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं।

स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में 24,557 स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं। इसकी जिम्मेदारी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) को दी गई थी। इइएसएल ने बजाज कंपनी की ये लाइटें लगाई हैं, जिनमें लगातार ड्राइवर और एसपीडी (सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइस) खराब होने की समस्या सामने आ रही है। इसका नतीजा यह है कि जितनी लाइटें ठीक नहीं हो पा रही हैं, उससे अधिक खराब हो रही हैं। वही लाइट बंद, चालू होने के लिए स्थापित ऑटोमेटिक स्विच सीसीएमएस का मेंटेनेंस भी सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। यह काय नगर निगम के कर्मचारियों को मैन्युअली करना पड रहा हैं।

अनुबंध के अनुसार काम नहीं

स्ट्रीट लाइट बदलने के लिए उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी का ईईएसएल कंपनी से अनुबंध शहर को भारी पड़ रहा है। ईईएसएल कंपनी की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है। उसके द्वारा लगाए गए उपकरण बार-बार खराब हो रहे हैं। वही लाइट बंद, चालू करने का कार्य नगर निगम के कर्मचारियों को मैन्युअली करना पड रहा हैं।

ईईएसएल कंपनी ने स्ट्रीट लाइट के मेंटेनेंस और ऑपरेटिंग को पूरी तरह से अपने हाथ में नहीं लिया है। संसाधन भी नहीं है। मेंटेनेंस और ऑपरेटिंग का काम नगर निगम के विद्युत विभाग को करना पड़ रहा है। इसके लिए ईईएसएल कंपनी उपकरण और संसाधन भी समय पर उपलब्ध नहीं करा रहीं है। ईईएसएल कंपनी लापरवाही से काम कर रही है। कंपनी शर्तों के अनुसार काम करने में असफल है।

ईईएसएल कंपनी गैर जिम्मेदाराना कार्य…

स्ट्रीट लाईट बदलने वाली ईईएसएल कंपनी की कार्यप्रणाली का खामियाजा नगर निगम और शहर को भूगतना पड़ रहा है। राज्य और केंद्र सरकार को इसकी शिकायत भी की है। स्ट्रीट लाइट का उचित तरीके से मेंटेनेंस करने के लिए कंपनी को बाध्य करने के लिए जल्द ही उचित निर्णय लेकर कार्रवाई की जाएगी।
रजत मेहता, नगर निगम एमआईसी के सदस्य विद्युत एवं यांत्रिकी समिति प्रभारी।

प्रोजेक्ट पर एक नजर

  • उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी ने ईईएसएल कंपनी से शहर में अधिक रोशनी और कम बिजली खपत वाली 24,557 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का मेमोरंडम आफ अंडरस्टेंडिंग (एमओयू) साइन किया था।
  • इसके तहत 36,48,96वॉट की लाईट और सोडियम वेपर लैंप को निकालकर एलईडी का उपयोग करना था।
  • इसका संचालन भी नगर निगम नहीं स्मार्ट सिटी का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होना था।
  • स्ट्रीट लाइट चालू और बंद करने के लिए ऑटोमेटिक स्विच सीसीएमएस लगाने थे।
  • ईईएसएल कंपनी 21 करोड़ रुपए लेगी। सभी लाइट का सात साल तक मेंटेनेंस भी करेगी। यानी कोई खराब हुई तो उसे बदलेगी भी।
  • शहर के सड़कों से बदली गई सभी स्ट्रीट लाइट ईईएसएल कंपनी को दी गई थी। जो उस समय अनुबंध के आधार पर कबाड़े में बेच दी।
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