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हास्य नाटक ‘बिन दुल्हन’ का मंचन

उज्जैन। अभिनव रंगमंडल द्वारा आयोजित 37वें राष्ट्रीय नाट्य समारोह में 14 अक्टूबर को धनंजय शर्मा के निर्देशन में कॉमेडी नाटक बिन दुल्हन की प्रस्तुति हुई। अनिल के मुखर्जी द्वारा लिखे नाटक ‘बिन दुल्हन’ ने दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। इसे रोहित त्रिपाठी के नाट्य दल अपस्टेज नाट्य ग्रुप दिल्ली द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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अभिनव मंडल प्रमुख शरद शर्मा ने बताया कि कालिदास अकादेमी में शुक्रवार को हुए नाटक ‘बिन दुल्हन’ का शुभारंभ अतिथि के रूप में मौजूद प्रो. जय श्रीवास्तव, जगदीश उपाध्याय, विक्रमसिंह पटेल, तपस्या ठाकुर, अमिता जैन द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। नाटक मूल रूप से उस कहावत पर आधारित था कि यदि झूठ बोलने से किसी का भला होता है तो बोल देना चाहिये। एक छोटे से झूठ से शुरू हुई हास्य की फुलझडिय़ां पूरे समय मंच से दर्शकों को हंसाती रहीं। नाटक में मानिक का किरदार ध्रुव ने निभाया।

वहीं प्रांजल-अमित कुमार, झंकार -कृष्णा भारती, मैनेजर-रवि रंजन, प्रलयंकर-धनंजय शर्मा, पांच -सुधांशु शर्मा, अन्य- आयुषी त्रिपाठी, टियारा का किरदार त्रिपाठी योगेश ने निभाया। निर्देशन एवं परिकल्पना धनंजय शर्मा की रही। नाट्य समारोह में अंतिम दिन समापन संध्या पर वरिष्ठ रंगकर्मी शरद शर्मा के निर्देशन में अभिनव रंगमंडल उज्जैन, अपने विख्यात नाटक कोर्ट मार्शल की 110 वीं प्रस्तुति करेगा, इस नाटक के रचयिता है स्वदेश दीपक।

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