अपने गांव से पकड़ाया लुटेरी दुल्हन गैंग का मुख्य आरोपी

तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है

शादी के एवज में 1.40 लाख रु. मांगे थे
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शादी के नाम पर धोखा देने वाली लुटेरी दुल्हन गैंग मामले मेें फरार मुख्य आरोपी को भाटपचलाना पुलिस ने गिरफ्त में लिया है।
पुलिस ने बताया 29 जनवरी को फरियादी दिलीप धानुका निवासी ग्राम मसवाडिया ने भाटपचलाना थाने में दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि उसकी शादी के लिए घरवाले लड़की की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुकेश पिता भेराजी धानुका निवासी ग्राम सरवना और लखन पिता सीताराम बलाई निवासी ग्राम उमरना ने उसकी पहचान पायल पिता राकेश क्षारिया निवासी भोपाल से करवाई। शादी के एवज में तीनों ने 1.40 लाख रुपए की मांग की।
इसमें से फरियादी दिलीप ने 90 हजार रुपए कैश दिए और शेष राशि बाद में देने का समझौता हुआ। 19 जनवरी को ग्राम गजनीखेड़ी में दिलीप और पायल की शादी हो गई। शादी के मात्र 8 से 10 दिनों के अंदर ही पायल लगातार रुपए की मांग करने लगी। इस पर दिलीप को शक हुआ और उसने रुपए नहीं दिए तो 29 जनवरी को मौका पाकर पायल अपने साथी मुकेश धानुका के साथ घर से फरार हो गई जिसे फरियादी दिलीप और परिजनों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था, जबकि इनके तीसरे साथी जुनैद उर्फ अमन पिता युसूफ खान निवासी सुजानगढ़ (राजस्थान) को पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया कर जेल भेज दिया था। हालांकि, मुख्य आरोपी लखन घटना वाले दिन से फरार था जिसकी सरगर्मी से पुलिस तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी लखन गांव में ही छिपा है जिसके बाद उसे वहीं से धरदबोचा गया। उसे रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पहले भी लगा चुके चूना
टीआई सतेंद्रसिंह चौधरी ने बताया कि यह अंतर्राज्यीय गैंग पहले भी कई लोगों को शादी के नाम पर चूना लगा चुकी है। पूछताछ में पता चला कि नागदा के बिरलाग्राम सहित बिलपांक एवं कई अन्य जगह पर इस तरह की धोखाधड़ी की वारदातों को गैंग अंजाम दे चुकी है लेकिन समस्या यह है कि लोग सामने नहीं आ रहे हैं।









