अमेरिका–ईरान जंग पर विराम,40 दिन बाद 2 हफ्ते का सीजफायर

वॉशिंगटन/तेहरान, 8 अप्रैल:करीब 40 दिनों से जारी तनाव और सैन्य टकराव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार 2 सप्ताह के सीजफायर पर सहमति बन गई है। इस अस्थायी समझौते से मध्य पूर्व में बढ़ते संकट के बीच राहत की उम्मीद जगी है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी सहमति
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख की अपील के बाद लिया गया।रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया।
सीजफायर से पहले दी गई थी कड़ी चेतावनी
सीजफायर से ठीक पहले ट्रम्प ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला, तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा।साथ ही अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की धमकी भी दी गई थी।
चीन की भूमिका भी अहम
The New York Times की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते में पाकिस्तान की मध्यस्थता के साथ-साथ आखिरी समय में चीन के दखल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद दोनों पक्ष सीजफायर पर सहमत हुए।
समझौते की प्रमुख शर्तें
अमेरिका और Israel अपने हमले रोकेंगे
ईरान भी सभी सैन्य कार्रवाई बंद करेगा
होर्मुज स्ट्रेट से तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी
ईरानी सेना इस सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेगी
अब आगे क्या?
सीजफायर के बाद अगला बड़ा कदम कूटनीतिक बातचीत का होगा।अमेरिका और ईरान के बीच 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में औपचारिक वार्ता शुरू होने जा रही है, जिसमें स्थायी समाधान पर चर्चा की जाएगी।









