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अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए आज से उज्जैन में बांटेंगे पीले चावल

भारत माता मंदिर में तैयार होंगे 32 अक्षत कलश

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी को श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसके लिए उज्जैन में गांव-गांव तक पीले चावल बांटने का काम शनिवार से शुरू होगा। महाकाल मंदिर के पास भारत माता मंदिर में अयोध्या से लाए गए अक्षत कलश से 32 अक्षत कलश तैयार कर गांव गांव तक पहुंचाए जाएंगे। इस दौरान संघ और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मिलकर गांव गांव तक पहुंचकर लोगों को पीले चावल देकर लोगों से आग्रह करेंगे कि प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन हर घर कम से कम पांच दीप जरूर जलाएं।

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अयोध्या से पूजित पीले चांवल का एक अक्षत कलश पहले ही उज्जैन आ चुका है। विहिप के नेतृत्व में इससे और अक्षत कलश तैयार किए गए हैं। विहिप के प्रांत महामंत्री विनोद शर्मा स्वयं राम मंदिर से पीले चांवल का कलश लेकर उज्जैन आए हैं। विहिप के प्रांत टोली संपर्क प्रमुख अनिल कासलीवाल और शर्मा ने बताया ये अक्षत गांव गांव तक पहुंचाए जाएंगे। भारत माता मंदिर में 32 कलश तैयार किए जा रहे हैं।

संघ की विचारधारा के अनुसार पूरे मालवा प्रांत में ये कलश पहुंचाए जाएंगे। सभी स्थानों से दो दो प्रतिनिधि बुलाए गए हैं, जिनके नेतृत्व में टोलियां तैयार होंगी, जो श्रद्धालुओं को पीले चावल देगी। जिस दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी, उस दिन प्रदेश सहित उज्जैन जिले में भी उत्सव जैसा माहौल होगा। हर घर की देहरी पर दीप जलाकर उत्सव मनाया जाएगा।

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राममंदिर में स्थापित होगी दो मूर्तियां

नवनिर्मित मंदिर में भगवान राम की दो मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। विराजमान रामलला को चल मूर्ति के रूप में स्थापित किया जाएगा, जबकि अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। 51 इंच की अचल मूर्ति का निर्माण रामसेवक पुरम में कर्नाटक व राजस्थान के मूर्तिकार कर रहे हैं। रामलला मंदिर के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के अनुसार 51 इंच की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में हेागी।

प्राचीन और छोटे आकार के रामलला के विग्रह को गर्भगृह में केवल स्थापित कर दिया जाएगा। चल विग्रह को शोभायात्रा और अन्य उत्सवों के स्थलों पर ले जाया जा सकेगा। रामलला के दोनों विग्रहों की पूजा गर्भगृह में एक ही रामानंदीय परंपरा और विधा से साथ साथ होगी। भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को अभिजीत मुहूर्त मृगषिरा नक्षत्र में दोपहर 12:20 बजे की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा करेंगे।संघ प्रमुख मोहन भागवत भी उपस्थित रहेंगे।

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