अवैध निर्माण: शैव संतों ने मांगी भवन निर्माण की अनुमति

3 दिन पहले ही प्रशासन ने नृसिंह घाट क्षेत्र से हटाया था बड़ा अतिक्रमण
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण को हटाने के लिए शुरू की गई प्रशासन की मुहिम के बीच शुक्रवार को आश्रमों के निर्माण काार्यों एवं अन्य समस्याओं को लेकर शैव शंभू संन्यासी मंडल ने कलेक्टर रौशन कुमार सिंह से कलेक्टर कार्यालय में मुलाकात की और उनसे आश्रमों व मठों के भीतर हुए निर्माण कार्यों को तोडऩे की कार्रवाई एवं नोटिस पर ऐतराज जताया। साधु-संतों ने कहा कि जिन आश्रम एवं मठ में निर्माण हो चुके हैं उन्हें कार्रवाई से अलग रखा जाना चाहिए। ऐसे आश्रमधारी जो स्थायी निर्माण कार्य करना चाहते हैं उन्हें अनुमति भी देनी चाहिए।
जूना अखाड़ा के सचिव रामेश्वरगिरी के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल को कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि आश्रम व मठों के निर्माण पर कार्रवाई परीक्षण के बाद ही होगी। संन्यासी मंडल के अध्यक्ष महंत रामेश्वर गिरी महाराज ने आश्रमों में स्थायी निर्माण के लिए शासन मद से राशि स्वीकृत करने की मांग भी रखी। उन्होंने गर्मी के सीजन से पहले सभी आश्रमों में ट्यूबवेल खनन कराने की बात करते हुए मांग पत्र भी सौंपा। कलेक्टर ने बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार सिंहस्थ महापर्व को लेकर बहुत गंभीर है और सभी निर्माण कार्य समय से पूर्ण कर लिए जाएंगे।
इस दौरान श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े के महंत सुरेशानंद पुरी, शंभू संन्यासी मंडल के महामंत्री ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के महंत महावीर नाथ, महानिर्वाणी अखाड़े के महंत श्याम गिरी राधे-राधे बाबा, महंत मुकुंदपुरी महाराज, आव्हान अखाड़े के महंत शेवागिरी महाराज, आनंद अखाड़ा के महंत समुद्र गिरी महाराज, अग्नि अखाड़े के महंत रामेश्वरानंद ब्रह्मचारी, अटल अखाड़ा के श्री महंत सेवा गिरी महाराज, सोहम आश्रम के महंत सत्यानंद महाराज, जूना अखाड़े के महंत परमानंद गिरी महाराज, महंत देव गिरी महाराज चित्रकूट धाम के महंत वेदानंद, दादूराम आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानदास महाराज सहित शैव शंभू संन्यासी मंडल के सभी पदाधिकारियों सहित संत महंत मौजूद थे।
कलेक्टर कार्यालय सभागार में साधु-संतों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा
कलेक्टर साहब के सामने अपनी बात रखी है: कलेक्टर साहब के सामने अपनी बात रखी है। उन्हें कहा है कि आश्रम-मठ के निर्माण हटाने में सावधानी रखने की बात की है। कलेक्टर साहब ने आश्वासन दिया है।
महंत रामेश्वर गिरी जी, सचिव जूना अखाड़ा
एवं अध्यक्ष शैव संन्यासी मंडल
नोटिस का जवाब नहीं देने पर तीन मठ-आश्रम से हटाया था निर्माण
जयसिंहपुरा-नृसिंह घाट क्षेत्र में यूं तो 20 से ज्यादा बड़े निर्माण हैं। दस्तावेजों के हिसाब से यहां सत्यमित्रानंद जी गिरी के समन्वय परिवार का निर्माण ही वैध है। क्षेत्र के 15 मठ-आश्रम को अवैध निर्माण के लिए नोटिस दिए गए थे। इनमें से 12 ने अपना जवाब दाखिल कर दिया था। तीन ने नहीं दिया था ऐसे में यहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर दी गई।










