अस्थि कलश उज्जैन आया, भक्तों ने किए दर्शन

उज्जैन। गुरुदेव आचार्य ऋषभचन्द्र सूरी महाराज का अस्थि कलश मुनिश्री मालव भूषण पीयूष विजय महाराज साहब की प्रेरणा से उज्जैन लाया गया। यहां अवंति से मोक्ष दायनी क्षिप्रा नदी के रामघाट पर ले जाया। गाजे बाजे से समाजजन की उपस्थिति के साथ सरकारी गाइड लाइन का पालन करते हुए सैकड़ों गुरु भक्तों ने दर्शन लाभ लिया।
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गुरु भक्तों के साथ सभी जगह के ट्रस्ट मंडल के सदस्यों ने ”गुरु तो अनंत थे अनंत है व अनंत रहेंगे। आत्मा अजर अमर है उनका आशीर्वाद हम सब पर बना रहेगा का उच्चारण करते हुए कलश की अगवानी की। ऋषभ गुरु भक्त परिवार के सदस्यों के साथ सभी ने गुरु को अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई दी। मोहनखेड़ा से भी बंधु वर पधारे। विजय गादिया परिवार, पारस अनीता गादिया, मनोज अंजू सुराणा, संजय नाहर, नरेश श्वेता भंडारी, प्रसन्न जैन, प्रकाश गोखरू, अभय लुक्कड़, भोला जैन, धर्मेंद्र साधना जैन, अजित पगारिया, प्रदीप गादिया, ललित श्रीमाल, राहुल कटारिया, चन्द्रप्रकाश डागा, अशोक कोठारी, नग राज कोठारी, अभय मेहता, पारस आंचलिया, राहुल कटारिया, अरविंद कोठारी, दिलीप व्यास, चंदन केसर सिंगजी, दीपक पंडित, बाबू भाई, महेंद्र भाई, जय जैन उपस्थित रहे। जानकारी मनोज अंजू सुराणा ने दी।