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उज्जैन:गैरजरूरी काम से निकले बाहर तो 200 रु. किलो पड़ी ककड़ी

महिला बेटी के साथ एक्टिवा से जा रही थी पुलिस ने रोका, निगमकर्मी ने काटा चालान

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उज्जैन।एक महिला को बेटी के साथ एक्टिवा से सब्जी खरीदने निकलना उस वक्त महंगा पड़ गया जब पुलिस ने उसे कोयला फाटक चौराहे पर रोककर पूछताछ की। महिला ने पर्स में रखी 1 किलो ककड़ी दिखाई और छोडऩे की बात कहने लगी। नगर निगमकर्मी ने महिला का 200 रुपये का चालान काटा और घर रवाना कर दिया महिला ने कहा 200 रुपये की एक किलो ककड़ी पड़ी है अब घर से बाहर नहीं निकलेंगे।

कोरोना कफ्र्यू के दौरान बिना अति आवश्यक काम के लोग वाहनों पर सवार होकर सड़कों पर घूम रहे हैं।ऐसे लोगों पर एक दिन पहले प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीमों द्वारा कार्रवाई शुरू की गई। पहले दिन 100 वाहन पकड़े गये। सुबह से फिर अलग-अलग चौराहों पर वाहनों की धरपकड़ शुरू हुई। कोयला फाटक पर पुलिस ने आगर रोड़ पर रहने वाली महिला को कोयला फाटक पर पकड़कर 200 रुपये का चालान काटा। इसी प्रकार मित्र नगर में रहने वाला व्यक्ति पत्नी के साथ कोयला फाटक चौराहे पर पहुंच गया।

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पुलिस ने पूछा तो कहा मुझे कोविड टेस्ट करवाना है। पुलिस ने पूछा तबियत खराब है तो जवाब दिया नहीं मुझे उत्तर प्रदेश जाना है वहां कोरोना जांच रिपोर्ट दिखाना जरूरी है इस कारण जांच करवाना है। पुलिस ने रिजर्वेशन टिकिट मांगा तो कहा अभी रिजर्वेशन नहीं कराया। पत्नी को साथ लाने का जवाब भी नहीं दे पाया। इस पर उक्त व्यक्ति का 200 रुपये का चालान बनाया गया। ऐसे ही एक युवक अपनी मां के साथ एक्टिवा से जा रहा था। पुलिस ने रोककर पूछा तो कहा मकान निर्माण हो रहा है वही देखने गया था। मां के साथ जाने की वजह पूछी तो जवाब नहीं दे पाया। उसका भी 200 रुपये का चालान काटा गया। इन सभी लोगों के बीच कुछ ऐसे लोग भी थे जो सिर्फ शहर के हालात देखने अपने वाहनों से सड़कों पर घूमने निकले थे। उनके वाहन जब्त कर पुलिस ने जेल वाहन में बैठा दिया।

जिनके पास सही कारण उन्हें तुरंत छोड़ रहे…
वर्तमान में 100 में से 70 लोग ऐसे मिले हैं जो बिना वजह किसी न किसी बहाने से सड़कों पर घूमते पाये गये, जबकि 30 प्रतिशत लोग ऐसे मिले जो मेडिकल, ड्यूटी पर जाने या फिर गमी के कार्यक्रम में जाने वाले थे। उन्हें तस्दीक के बाद तुरंत छोड़ दिया गया।

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कैसे छूटेंगे जब्त वाहन

जिन लोगों के वाहन पुलिस द्वारा जब्त किये जा रहे हैं उन्हें संबंधित थानों में खड़ा किया जा रहा है। पुलिस द्वारा इन वाहनों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कोर्ट के माध्यम से करेगी। चालान पेश करने के बाद कोर्ट द्वारा शमन शुल्क निर्धारित किया जायेगा। इस प्रोसेस में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है और जिस व्यक्ति का वाहन जब्त किया गया है उसे कोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार शमन शुल्क पुलिस को जमा कराना होगा। जिसके बाद वाहन छोड़े जाएंगे।
अमरेन्द्र सिंह, एएसपी सिटी

12 बजे तक पुलिस ने 15 वाहन जब्त किए
शनिवार को दो पहिया, चार पहिया वाहन चालकों पर कार्रवाई का असर दूसरे दिन ही देखने को मिला। आज रविवार को सड़कों पर वाहनों से आवागमन करने वालों की संख्या सामान्य दिनों से आधी रह गई। यही कारण रहा कि आज दोपहर 12 बजे तक पुलिस ने मात्र 15 वाहन ही जब्त कर पाये थे, जबकि इतने ही लोगों पर स्पाट फाइन की कार्रवाई भी हुई। हालांकि पुलिस की कारवाई प्रमुख चौराहों पर जारी थी

धारा 188 के प्रतिबंध से छूट मिले जरूरतमंदों को

एक ही चक्की में पिसा रहे लापरवाह और जरूरतमंद

जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिये बढ़ाये गये लॉकडाऊन के बावजूद वाहन लेकर सड़कों पर बेमतलब निकलने वाले लोगों के खिलाफ धारा 188 के तहत वाहन जब्ती शुरू कर दी है लेकिन चौराहों पर तैनात सिपाही इस आदेश का पालन कराते समय असंवेदनशील हो रहे हैं। आज भी ऐसे लोगों के वाहन जब्त किये गये जो जरूरी काम से घर से बाहर निकले थे और उनके पास आवश्यक काम के प्रमाण भी थे। शहर भर में आज दो पहिया और चार पहिया वाहन सवार लोगों को सख्ती से रोका गया।

पूछताछ में लोगों ने अपने अपने कारण गिनाये। ऐसे लोग जिन्होंने झूठ बोला और घर से बाहर निकलने का सही कारण नहीं बता पाये उनके खिलाफ पुलिस ने वाहन जब्ती की कार्रवाई की। इनके साथ जरूरतमंद लोग भी पिसा गये। मौके पर यह देखा गया कि समीपस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से दवाई, फल, आवश्यक किराना सामग्री खरीदने आये लोग भी इस सख्ती का शिकार हो गये। ज्ञात रहे उज्जैन से 10 से 15 किलोमीटर की दूरी तक रहने वाले लोग अपनी समस्त आवश्यकता का सामान और दवाइयां उज्जैन लेने आते हैं। ऐसे अनेक लोग जिनमें किराना व्यापारी भी शामिल थे पुलिस की सख्ती का शिकार हुए। पुलिस ने इनके वाहन जब्त कर लिये यह सड़क पर पैदल भटकते रहे।इन्हें अपने गांव तक जाने के लिये साधन भी उपलब्ध नहीं हो पाये।

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