Advertisement

उज्जैन:चरक अस्पताल की लैब में 300 से 400 लोग प्रतिदिन दे रहे ब्लड के सैम्पल

चरक अस्पताल की लैब में 300 से 400 लोग प्रतिदिन दे रहे ब्लड के सैम्पल, रिपोर्ट के लिए लग रही लाइन

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

30 से 40 लोग करा रहे डेंगू की जांच, 5 से 6 लोगों की रिपोर्ट में डेंगू्र

उज्जैन।शहर में डेंगू, मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि चरक अस्पताल की लैब टेक्निशियन की डेंगू की चपेट में आने के बाद मृत्यु भी हो चुका है, लेकिन मलेरिया विभाग, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक बीमारी से निपटने के ठोस कदम नहीं उठाये गये हैं।

Advertisement

चरक अस्पताल लैब से मिली जानकारी के अनुसार यहां प्रतिदिन ओपीडी और आईपीडी के मिलाकर 300 से 400 लोग ब्लड सेम्पल देने आ रहे हैं। इनके अलावा 30 से 40 लोग डेंगू की जांच के लिये ब्लड सेम्पल दे रहे हैं जिनमें से 5-6 लोग डेंगू के मरीज निकल रहे हैं। चरक अस्पताल का शिशु वार्ड फुल है तो प्रायवेट अस्पतालों में भी मरीजों को बेड नहीं मिल रहे। तेजी से शहर में फैल रही डेंगू और मलेरिया बीमारी की रोकथाम के लिये मलेरिया विभाग, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक ठोस कदम नहीं उठाये गये हैं।

Advertisement

डेंगू से पहली महिला मरीज की मौत के बाद अंतिम संस्कार
चरक अस्पताल में पदस्थ लैब टेक्निशियन अर्चना पति सुनील बनवार 28 वर्ष निवासी पुष्पांजलि नगर आगर रोड़ की तबियत बिगडऩे के बाद ब्लड टेस्ट कराया। जांच में उनके प्लेटलेट्स कम निकले। हालत गंभीर होने पर इंदौर रैफर किया गया जहां अर्चना बनवार की मृत्यु हो गई। शहर में डेंगू से पहली मौत होने की डॉक्टरों द्वारा पुष्टि की गई है। परिजनों ने सुबह अर्चना के शव का अंतिम संस्कार किया।

यह है डेंगू की रोकथाम के नियम

शासन द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिये नियम बनाये हैं जिनके अनुसार यदि किसी क्षेत्र में डेंगू का मरीज मिलता है तो उसके घर के सभी सदस्यों के ब्लड सेम्पल की जांच, घर के आसपास डेंगू का लार्वा समाप्त करने के लिये कीटनाशक का छिड़काव कराया जाना है लेकिन वर्तमान में डेंगू के मरीजों की संख्या तो बढ़ती जा रही है लेकिन मलेरिया विभाग द्वारा मरीज के परिजनों की जांच और लार्वा समाप्त करने के लिये कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया जा रहा। मच्छरों को मारने के लिये नगर निगम द्वारा फागिंग करने का प्रचार तो किया जा रहा है, लेकिन किन वार्डों में पूरे शहर के वार्डों में फागिंग नहीं हो रही है।

Related Articles