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उज्जैन:पार्किंग की जगह डॉक्टर बैठ रहे, कहीं दुकानें-गोदाम

फ्रीगंज में बिल्डिंग के बेसमेंट का मिसयूज

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उज्जैन।पुलिस कंट्रोल रूम के सामने निर्माणाधीन में पार्किंग की जगह दुकानें बनाने पर नगर निगम द्वारा की गई कारवाई से फ्रीगंज क्षेत्र में पार्किंग के तय बेसमेंट के मिसयूज का मसला फिर चर्चाओं में आ गया हैं। फ्रीगंज की 30 से अधिक बिल्डिंग के बेसमेंट का मिसयूज किया जा रहा हैं। पार्किंग की जगह कहीं डॉक्टर बैठ रहे तो कहीं चल रही दुकानें-गोदाम।
पुलिस कंट्रोल रूम के सामने उज्जैन सीएमएचओ डॉ. महावीर खंडेलवाल की पत्नी के नाम के भवन का निर्माण किया जा रहा हैं।

मंगलवार को नगर निगम द्वारा यहां तोडफ़ोड़ की कार्रवाई की गई। नगर निगम की ओर से बताया गया भवन के जिस हिस्से में नगर निगम ने कार्रवाई की है, वहां भवन निर्माता द्वारा पार्किंग की अनुमति ली गई है। भवन निर्माण में पार्किंग के लिए तय स्थान पर दुकानों का निर्माण कर लिया था। इस पर नगर निगम द्वारा अवैध तौर पर किए गए निर्माण को हटाने के लिए कार्रवाई की गई। हालांकि नगर निगम पूर्व की पड़ताल के आधार पर अब तक किसी भी नियम तोडऩे वाले भवन मालिक पर कार्रवाई करने में असफल रहा।

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अनेक बिल्डिंग में पार्किंग ही नहीं
कुछ समय पहले जब इमारतों के पार्किंग में कब्जे का मुद्दा सामने आने पर नगर निगम ने इनकी पड़ताल की। इसमें हकीकत सामने आई कि 30 से अधिक बिल्डिंग के बेसमेंट में पार्किंग नहीं हो रही। अधिकांश बिल्डिंग के संचालकों ने बेसमेंट निर्माण की अनुमति पार्किंग के लिए ही मांगी थी। उनके नक्शों में तल मंजिल को पार्किंग दर्शाया था। वास्तविक स्थिति अलग हैं।

यह हैं स्थिति

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निगम सूत्रों के अनुसार फ्रीगंज की 30 इमारतों के बेसमेंट में पार्किंग की जगह कहीं डॉक्टर बैठ रहे तो कहीं चल रही दुकानें-गोदाम।

फ्रीगंज में सात अस्पताल बहुमंजिला भवनों में चल रहे हैं। इनमें से छह भवनों के बेसमेंट में डॉक्टर्स चेंबर बने हुए हैं या ऑफिस संचालित हो रहा है। इनका उपयोग वाहन पार्किंग के रूप में नहीं हो रहा।

क्षेत्र की 20 बहुमंजिला इमारतों में से 12 के बेसमेंट में दुकानें बनी हैं या गोदाम के काम आ रहे हैं। इनमें पार्किंग होना चाहिए। यहां दुकानों और गोदाम के रूप में भवन स्वामी अवैध कमाई कर रहे हैं।

कुछ इमारतों में बेसमेंट पार्किंग का प्रावधान तो किया है लेकिन रैंप ऐसे नहीं है कि वाहन पार्क हो सकें। भवन में रैंप की जगह सीढिय़ां बना दी है। जहां भवन रैंप की हैं, वहां रैंप लंबाई कम होने से वाहन पार्क नहीं हो पा रहे। एक भवन में रैंप बनाया ही नहीं गया। एक अन्य भवन के बेसमेंट को शटर लगा कर बंद कर दिया गया है।

फ्रीगंज क्षेत्र की 30 इमारतों के बेसमेंट पार्किंग पर कब्जा है या खाली पड़े हैं। जिनमें कब्जा है वे सार्वजनिक पार्किंग के रूप में काम नहीं आ रहे। इनमें उनका निजी उपयोग होता है। इससे इन इमारतों के आसपास सड़क पर वाहन पार्क होते हैं।

रूटीन प्रोसेस के तहत की कार्रवाई
पार्किंग के लिए तय जगह पर जिस निर्माण को हटाया गया, वह निगम की रूटीन प्रोसेस हैं। कारवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई। अन्य स्थानों पर इस तरह अवैध निर्माण सामने आते हैं, तो नगर निग द्वारा कारवाई की जाएगी।
पीयूष भार्गव, कार्यपालन यंत्री, भवन अधिकारी जोन ४

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