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उज्जैन:पुलिस अपनी मस्ती में मस्त… भक्तों की समस्या जस की तस

मामला: महाकाल मंदिर क्षेत्र में आए दिन हो रहे विवादों का

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दुकानें हटे 24 घंटे नहीं बीते और फिर वहीं जम गए दुकानदार

उज्जैन।बुधवार को पुलिस और नगर निगम की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए महाकाल मंंदिर क्षेत्र से गुमटियों, ठेलों को हटा दिया था। लेकिन चौबीस घंटे भी नहीं बीते के वापस वहीं पर जम गए। फिर वैसे ही स्थिति बन गई हैं। वहीं मंदिर के आसपास दर्शनार्थियों के पीछे भिक्षुक पड़ रहे हैं। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं हैं। इससे पुलिस की कार्रवाई पर भी सवालियां निशान लग रहे हैं।

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श्रावण मास में आस्था के सबसे केंद्र महाकाल मंदिर में प्रतिदिन हजारों लोग आ रहे हैं। मगर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। बुधवार को नगर निगम और पुलिस की टीम ने क्षेत्र में लगने वाली दुकानों और ठेलों को सख्ती से हटा दिया था लेकिन आज फिर वापस वैसे ही जम गए। फूल प्रसादी, तिलक लगाने वाले, कंठी माला बेचने वाले तो दर्शनार्थियों के पीछे भागते ही हैं। वहीं मंदिर के आसपास भिक्षुक महिलाएं भी दर्शनार्थियों के पीछे पड़ जाती हैं।

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आज सुबह भी ऐसा ही नजारा दिखाई दे रहा था। श्रावण मास के पहले ही बाबा महाकाल के दर्शनों के आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा था। लेकिन लगता है कि इसे पुलिस और प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। मंदिर के आसपास में असामाजिक तत्व, चोर-उठाईगिरे सक्रिय हैं और घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं।


बैठक के बाद हो जाते हैं आदेश-निर्देश हवा…..शहर को भिक्षुकमुक्त करने के लिये शीघ्र ही भिक्षुकों का जियो टैगिंग के आधार पर सर्वे किया जाएगा। सर्वे के साथ-साथ ही भिक्षुकों के पुनर्वास, उनके उपचार एवं बेघर लोगों को रैन बसेरे में शरण देने की व्यवस्था की जायेगी।

कुछ समय पूर्व कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ये निर्देश दिये गये थे। उज्जैन शहर को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने के लिये सघन अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में कई अधिकारी सहित एनजीओवाले भी मौजूद थे। कलेक्टर ने मंदिरों के आसपास भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चे, वयस्क एवं वृद्ध भिक्षुकों को हटाने एवं उनके पुनर्वास में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिये थे।

सर्वे के लिये शहर में चार व्यक्ति की टीम अलग-अलग क्षेत्र में कार्य करेगी और इनके साथ एक-एक होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जायेगी। लेकिन ऐसा कहीं दिखाई नहीं दे रहा हैं।

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