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उज्जैन:ब्लैक फंगस का कहर…आर डी गार्डी में आज एक और मरीज की आंख निकाली

अब तक दो मरीजों की निकाली जा चुकी है आँखें

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बढ़ रहे गंभीर मरीज, संख्या पहुंची 50 पर

उज्जैन। ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमण को मस्तिष्क तक पहुंचने से रोकने के लिए आर डी गार्डी मेडिकल कॉलेज में आज एक ओर मरीज की एक आंख निकाली गई।
डॉ.सुधाकर वैद्य के अनुसार कल एक पुरूष की आंख निकली गई थी,आज महिला मरीज की आंख निकाली गई।

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अब दोनों के मस्तिष्क में संक्रमण फैलने का खतरा टल गया है। डॉ.वैद्य ने बताया कि आज सुबह तक कॉलेज में ब्लैक फंगस के भर्ती मरीजों की संख्या 50 तक पहुंच गई थी। इनमें से करीब 30 मरीजों की फंगस एंडोस्कोप से निकाली जा चुकी है। चूंकि फंगस एक दिन में खत्म नहीं होती है,ऐसे में ऑपरेशन को रिवाइस करना पड़ता है तथा फंगस निकालने का काम जारी रखना पड़ता है। आज जिस महिला की आंख निकाली गई,वह भी सीवियर डायबिटिज पेशेंट थी। उसको अनुवांशिक शुगर थी।

जिला अस्पताल में-नि:शुल्क इंजेक्शन दिलवा रहे कलेक्टर
जिला अस्पताल में ब्लैक फंगस के 2 मरीज पूर्व से भर्ती थे। आज 1 और भर्ती हुआ। अब यहां 3 मरीज हो गए हैं। इनमें से एक कुनिका यादव की स्थिति ठीक है। सिविल सर्जन डॉ.पी एन वर्मा के अनुसार आज के लिए इंजेक्शन चाहिए थे। कलेक्टर को बताया तो उन्होने तत्काल कल रात्रि में ही उपलब्ध करवा दिए। सभी इंजेक्शन शासन की ओर से नि: शुल्क मिले। कुनिका का पूरा उपचार नि:शुल्क चल रहा है। आज पट्टी खोलकर स्थिति का अध्ययन करेंगे।

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एम्फोटेसेरिन इंजेक्शन मिल रहे आसानी से…
डॉ.वैद्य ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीजों को लगनेवाले एम्फोटेरेसिन-बी,50 एमजी इंजेक्शन जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे हैं,ये आसानी से उपलब्ध हैं। लेकिन हमने कुछ मरीजों को होल्ड पर रख दिया है। क्योंकि उन्हे इंजेक्शन लगाने के बाद किडनी पर असर आ रहा था। क्रेटेनिन और ब्लड यूरिया बढ़ रहा था।

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