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उज्जैन:ब्लैक फंगस के मरीज एमवाय इंदौर भेज रहे

ईएनटी और नेत्र विभाग में तालमेल का अभाव

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उज्जैन।जिला अस्पताल में ब्लैक फंगस मरीजों के उपचार के लिए कलेक्टर ने अलग से वार्ड बनवाया है। इस वार्ड में करीब 15 मरीजों का उपचार इस समय चल रहा है। मरीजों की संख्या इसलिए बढ़ रही है, क्योंकि एम्फोटेरेसिन-बी इंजेक्शन यहां नि:शुल्क लग रहा है, लेकिन जिन मरीजों की आंखों तक फंगस पहुंच गई है उनको यह उपचार देने की बजाय इंदौर रैफर किया जा रहा है। इस बात को लेकर ईएनटी और नेत्र विभाग में तालमेल नहीं होने के आरोप लग रहे हैं।

जब किसी व्यक्ति को ब्लैक फंगस की बीमारी होती है तो वह साइनेसेस के बाद आंखों को संक्रमित करती है। यदि आंखों का उपचार नहीं होता है तो मस्तिष्क तक पहुंच जाती है। ब्लैक फंगस के मामले उज्जैन में जब सामने आए तो आरडीगार्डी मेडिकल कॉलेज द्वारा इसका उपचार शुरू किया गया। प्रथम चरण में संक्रमण नाक से शुरू होने के कारण ईएनटी सर्जन के द्वारा एंडोस्कोप के द्वारा फंगस निकाली जाती है। संक्रमण साइनेसेस तक पहुंचता है तो वहां तक काम ईएनटी सर्जन करता है। इसके बाद आंखों में फैलने तक सर्जरी आंख के डॉक्टर को करना पड़ती है ताकि संक्रमण मस्तिष्क तक न पहुंचे।

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उज्जैन में आरडीगार्डी और प्रायवेट अस्पताल में ईएनटी तथा नेत्र रोग के सर्जन मिलकर ब्लैक फंगस का ऑपरेशन करते हैं, लेकिन जिला अस्पताल मेें स्थिति अलग है। यहां पर ऑपरेशन के औजार ना होने पर सिविल सर्जन डॉ. पी.एन. वर्मा ने स्वयं के एंडोस्कोप और औजार जिला अस्पताल की ओटी में लाकर ऑपरेशन थियेटर तैयार किया है। उन्होंने ब्लैक फंगस के ऑपरेशन भी किए। जब फंगस आंखों तक दिखी तो नेत्र विभाग से डॉक्टर्स को काल करवाया। नेत्र विभाग के डॉक्टर्स ने भोपाल के एक आदेश का हवाला देकर मरीजों को एमवाय इंदौर भेजना शुरू कर दिया। अभी तक ऐसे पांच मरीजों को भेजा जा चुका है। जिनके परिजन परेशान हो रहे हैं।

इनका कहना है
सिविल सर्जन डॉ. पी.एन. वर्मा के अनुसार साइनेसेस तक फंगस हटाने के बाद हमने नेत्र सर्जन्स को कॉल किया था। उनका कहना है कि हम यह ऑपरेशन नहीं कर सकते संसाधन नहीं है। मैंने उनसे कहा कि हमने भी संसाधन इक_े किए हैं।

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आप हमारी ओटी में काम कर लो मरीज परेशान नहीं होंगे। उन्होंने भोपाल के आदेश का हवाला देकर हाथ झाड़ लिए।
जिला अस्पताल के नेत्र विभाग के प्रभारी डॉ. नीलेश चंदेल से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मैं अभी तक चरक भवन कोविड सेंटर देख रहा हूं। आप डॉ. नीना भावसार से बात कर लें।

डॉ. नीना भावसार ने चर्चा में कहा कि भोपाल से निर्देश हैं कि आंखों की सर्जरी के लिए मरीजों को एम व्हाय, इंदौर भेजा जाए। इसलिए हम भेज रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि जिला अस्पताल की ओटी में संसाधन जुटाकर क्या ऑपरेशन किए जा सकते हैं? उन्होंने भोपाल से आए पत्र का हवाला देकर बात समाप्त कर दी।

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