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उज्जैन:मंदिर अनलॉक के पहले दिन ही देश भर से महाकाल पहुंचे श्रद्धालुजन….

ऑनलाइन रजिस्टे्रशन बुकिंग से तीन घंटे में 750 ने और 251 की रसीद से 1500 भक्तों ने किए बाबा के दर्शन

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आम लोगों के लिए 90 दिनों के बाद फिर खुले महाकालेश्वर, मंगलनाथ और हरसिद्धि मंदिर के पट

 

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उज्जैन।करीब 90 दिनों बाद भगवान महाकालेश्वर का दरबार आमजनों के दर्शनों के लिये प्रशासन द्वारा खोला गया है। लोगों में अपने आराध्य के दर्शनों की आतुरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले दिन देश के अलग-अलग राज्यों से लोग दर्शनों को पहुंच गये और जितने लोगों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बुकिंग से दर्शन किये उनसे दो गुना अधिक लोगों ने सशुल्क टिकिट लेकर मंदिर में प्रवेश किया और दर्शन किए। इधर आज मंगलनाथ और हरसिद्धि के पट भी आम लोगो के लिए खुल गए।

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ऐसे बढ़ गया श्रद्धालुओं का आंकड़ा
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा आम श्रद्धालुओं की सुविधा और कोरोना नियमों का पालन कराते हुए दर्शन व्यवस्था करीब 90 दिनों बाद पुन: शुरू की है जिसकी खासियत यह रही कि सुबह 9 बजे तक तीन स्लाटों में ऑनलाइन बुकिंग वाले 600 श्रद्धालुओं ने दर्शन किये जबकि इतने ही समय में 250 रुपये सशुल्क दर्शन करने वालों की संख्या 1500 हो गई। मंदिर समिति द्वारा दो टिकिट काउंटर शुरू किये गये हैं जिनसे मिली जानकारी के अनुसार दर्शन शुरू होने के तीन घंटे में ही 31 कट्टे खाली हो चुके थे जिनमें 1500 से अधिक रसीदें काटी गई।

यह है महाकाल मंदिर में प्रवेश और निर्गम मार्ग
भगवान महाकालेश्वर के दर्शनों के लिये सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में स्लाट बुकिंग कराना अनिवार्य है। फिलहाल 1 जुलाई तक के सभी स्लॉट बुक हैं। महाकाल घाट से बड़े गणेश की ओर जाने वाले मार्ग के साइड में मंदिर समिति द्वारा बेरिकेडिंग की गई है। जिनमें प्रवेश करने के बाद गेट नंबर 4 की ओर बढऩा है। रास्ते में मंदिर समिति के कर्मचारियों द्वारा आरटीपीसीआर या वैक्सीनेशन सार्टिफिकेट की कॉपी देखी जा रही है।

यहां से गेट नंबर 4 से प्रवेश करने के बाद विश्रामधाम बेरिकेडिंग से होते हुए गेट नंबर 6 तक पहुंचने के बाद गणेश मंडप बेरिकेड्स से होते हुए भगवान के दर्शन हो रहे हैं। यहां से निर्गम गेट होते हुए औंकारेश्वर मंदिर के सामने से गेट नंबर 5 पर चढ़ाव के रास्ते श्रद्धालुओं को बाहर निकाला जा रहा है।

यही व्यवस्था 250 रुपये सशुल्क दर्शनार्थियों के लिये भी रखी गई है। गेट नंबर 4 के पास निर्गम द्वार के रास्ते से वीआईपी को प्रवेश दिया जा रहा है। जबकि मंदिर धर्मशाला वाले मार्ग से पंडे, पुजारी, पुरोहितों के अलावा मंदिर समिति कर्मचारियों और वीवीआईपी को प्रवेश दिया जा रहा है जिनके निर्गम की व्यवस्था भी इसी मार्ग से रहेगी।

मंत्री आम श्रद्धालुओं की कतार में लगे, सांसद ने बांटे मास्क
सुबह उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने आम श्रद्धालुओं की कतार में लगकर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किये और लोगों से कोरोना नियमों का पालन करने का अनुरोध भी किया तो मंदिर के बाहर चौराहे पर सांसद अनिल फिरोजिया ने लोगों को मास्क वितरित किये। सांसद फिरोजिया ने चर्चा में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से बार बार आव्हान किया जा रहा है कोरोना से लडऩे के लिये मास्क अनिवार्य है, प्रदेश के मुख्यमंत्री भी मास्क लगाने की लोगों से अपील कर रहे हैं। जो लोग मास्क लगाकर मंदिर नहीं आये उन्हें मास्क वितरित कर जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।

हम लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से पता चल गया था कि 28 जून से भगवान महाकालेश्वर के दर्शन शुरू होंगे। तभी उज्जैन आने का प्लान बना लिया था। यहां आये तो पता चला ऑनलाइन बुकिंग कराना होगी, लेकिन 250 की रसीद कटवाकर भी दर्शन कर सकते हैं तो रसीद कटवाकर बाबा महाकाल के दर्शन कर लिये।
उमेश गुप्ता, मिर्जापुर उत्तरप्रदेश

हम तो उज्जैन दर्शन करने आये थे। रात को पता चला कि आज से भगवान महाकालेश्वर के दर्शन शुरू हो रहे हैं। पत्नी व बच्चों के साथ कुल 4 लोग आये हैं। ऑनलाइन बुकिंग नहीं करा पाये थे इस कारण 250 रुपये की रसीद लेकर भगवान के दर्शन किये।
महेन्द्र मिश्रा, बलिया उत्तरप्रदेश

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