Advertisement

उज्जैन : अब सफारी के स्थान पर बोलेरो चलेगी डायल 100 पर

सरकार ने ठेकेदार की अवधि 6 माह बढ़ाई तो बिगड़े वाहनों को हटाकर लगाई बोलेरो

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

उज्जैन। करीब 6 वर्ष पहले प्रदेश सरकार द्वारा लोगों की सुरक्षा और सुविधा के लिये डायल 100 वाहनों का संचालन शुरू किया गया था इन वाहनों को शहर व देहात थानों क्षेत्रफल के मान से आवंटित किया गया। वर्तमान में थानों में अटैच अधिकांश डायल 100 वाहन खराब हो रहे हैं और ठेका अवधि भी समाप्त हो चुकी थी। प्रदेश सरकार द्वारा डायल 100 वाहन की ठेका अवधि 6 माह बढ़ाने पर अब जिन थानों के डायल 100 वाहन खराब हो चुके हैं उनके स्थान पर बोलेरो वाहन अटैच किये जा रहे हैं।

अगस्त 2015 को प्रदेश के तत्कालिन गृहमंत्री बाबूलाल गौर द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने और लोगों की सुविधा के लिये प्रदेश में 900 डायल 100 वाहनों का संचालन थानों के माध्यम से शुरू किया गया था। इसके अंतर्गत उज्जैन जिले को कुल 28 टाटा सफारी वाहन मिले। जीपीएस व अन्य सुविधाओं से लैस इन वाहनों में से 17 वाहनों को शहर व 11 वाहनों को देहात थानों के सुपुर्द किया गया। एक वाहन पर तीन पायलेट 24 घंटे ड्यूटी में तैनात रहते हैं। पांच वर्ष के लिये दिये गये इन वाहनों की ठेका अवधि पिछले दिनों खत्म हो चुकी है इस कारण ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा वाहनों के मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया गया। शहर व देहात के कुल 6 वाहन खराब होने के बाद धूल खा रहे थे। डायल 100 वाहनों के प्रभारी दिलीप अहिरवार ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा ठेका अवधि बढ़ाये जाने के बाद खराब हो चुके वाहनों में से 3 बोलेरो वाहनों को अलग-अलग थानों में अटैच कर चुके हैं जबकि एक पुराना वाहन ठीक होकर आ रहा है। अब सिर्फ दो वाहनों को अटैच किया जाना है जिसे जल्द ही थाने पहुंचा देंगे।

Advertisement

अगले ठेके में बोलेरो वाहन आएंगे नजर

डायल 100 वाहनों की ठेका अवधि पूरी होने के बाद अब नये ठेके के दौरान शासन द्वारा वर्तमान में चल रहे सफारी वाहनों के स्थान पर बोलेरो का उपयोग कर सकती है। यही कारण है कि पुराने खराब हो चुके सफारी वाहनों के स्थान पर ठेकेदार द्वारा बोलेरो वाहन अटैच किये जा रहे हैं। हालांकि इसका निर्णय नया ठेका होने के बाद ही होगा।

Advertisement

Related Articles