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उज्जैन में पहली बार शहस्त्रनाम शांतिधारा के साथ चातुर्मास के लिए विनती कार्यक्रम

उज्जैन। गुरु भगवंत आचार्य 108 विशुद्धसागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य महा तपस्वी मुनि 108 आराध्य सागर महाराज व उज्जैन गौरव मुनि साध्य सागर महाराज के चरणों मे अतिशय क्षेत्र जयसिंहपुरा जिनालय में चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया।

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ट्रस्ट सचिव अनिल गंगवाल ने बताया कि नगर की नमकमंडी, जयसिंहपुरा, नयापुरा, लक्ष्मीनगर, ऋषिनगर, फ्रीगंज, जैन बोर्डिंग, इंद्रानगर समाज द्वारा अपने क्षेत्र के जिनालयों में चातुर्मास करने हेतु श्रीफल भेंट कर निवेदन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में पंच परमेष्ठी विधान के साथ ही अभिषेक व नगर के इतिहास में प्रथम बार शहस्त्रनाम शांति धारा का आयोजन किया गया। लाभार्थी 11 परिवारों द्वारा विश्व में शांति, समृद्धि व स्वास्थ्य की कामना को लेकर मुनि के पांवन सानिध्य में उक्त शांतिधारा संपन्न हुई। ज्ञातव्य रहे कि मुनि आराध्य सागर महाराज 557 दीन में 496 उपवास की कठिन तपस्या की जा रही है। मार्च 2020 से मुनिश्री नगर में विराजित है, इस दौरान नगर के सभी मंदिरों में मुनि का प्रवास हो चुका है और सभी जगह से आगामी चातुर्मास हेतु श्रीफल भेंट हुए है। समाज जन मुनि की चातुर्मास घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे है, एक दो दिन में मुनिश्री निर्णय लेंगे की उन्हें चातुर्मास कहां करना है। ट्रस्ट सचिव अनिल गंगवाल ने बताया कि चातुर्मास समापन व उपवास की साधना महापारणे के साथ नवम्बर माह में सम्पन्न होगी तत्पश्चात मुनि का विहार होगा।

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