उज्जैन में होगी चंदन की खेती…

यदि प्रयोग सफल …तो हवा में महकेंगी चंदन की खुशबू
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इसके किसानों को किया जाएगा प्रेरित
उज्जैन।मध्य प्रदेश में अब व्यापक स्तर पर चंदन की खेती की जाएगी। यह जिम्मेदारी वन विभाग संभाल रहा है। विभाग ने प्रदेश के चार जिलों चिन्हित किया है।
इसमें उज्जैन भी शामिल है। चंदन के पेड़ लगाने के लिए कृषकों के साथ पर्यावरण प्रेमियों को भी प्रेरित किया जाएगा। मांग के अनुसार चंदन के पौधे वन विभाग सशुल्क उपलब्ध कराएगा।
बता दें कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश में चंदन की खेती को बढ़ावा देने को कहा था। इसके बाद प्रदेश के वन विभाग ने इस दिशा में काम प्रारंभ कर दिया है। चंदन की खेती के लिए सागर, उज्जैन, सिवनी और नीमच जिलों में ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर विभाग को भेजी थी।
इस आधार पर विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। उज्जैन में भूमि चिन्हित कर ली है। जिस पर चंदन के पौधे पौधे भी प्रयोग के तौर पर लगाए गए है।
यदि पौधे उगाने के साथ उन्हें विकसित करने में सफलता मिलती है, तो चंदन की व्यापक स्तर पर खेती की जाएगी। इसके लिए संबंधित जिलों को राशि आवंटित कर दी है। इस राशि से पौधारोपण करेंगे। इसके बाद भी राशि की जरूरत पड़ी तो विभाग देगा।
कृषक और पर्यावरण प्रेमियों को प्रेरित करेंगे
जिला वन अधिकारी किरण बिसेन के अनुसार वन विभाग ने जिले में चंदन की खेती को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है। क्षेत्र के ऐसे किसान या पर्यावरण प्रेमियों जो अपने यहां उपलब्ध सुरक्षित क्षेत्र में चंदन लगाना चाहते है,उन्हें भी वन विभाग प्रेरित करने के साथ सहयोग करेंगा।
मांग के अनुसार सशुल्क चंदन के पौधे शासन की अनुमति के बाद दक्षिण भारत से लाकर उपलब्ध कराने की योजना है। इस पर जल्द ही क्रियान्वयन होगा। प्रदेश में आमतौर पर लाल चंदन होता है। इसे ही प्राथमिकता दी जा रही है।










