उज्जैन में 1133 करोड़ की जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन, CM मोहन यादव ने आयुर्वेदिक एम्स की घोषणा की

शहर की सबसे बड़ी हरियाखेड़ी जल योजना का श्रीगणेश
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव करोड़ों के विकास कार्यों को दी गति
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अपने गृह नगर उज्जैन को विकास की ऐतिहासिक सौगात देने आए । शिप्रा तट स्थित हरियाखेड़ी गाँव में 1133.67 करोड़ रुपए की बहुप्रतीक्षित जल आवर्धन योजना का भूमिपूजन किया । यह परियोजना न केवल शहर की वर्तमान जल समस्या का समाधान करेगी, बल्कि सिंहस्थ-2028 के दौरान आने वाले अनुमानित 30 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए जल आपूर्ति की जीवनरेखा साबित होगी।
इस योजना के क्रियान्वयन से उज्जैन की जल शोधन क्षमता वर्तमान 151 एमएलडी से बढक़र 400 एमएलडी हो जाएगी। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए प्रशासन ने इसमें व्यापक बुनियादी ढांचे को शामिल किया है। योजना के तहत शहर भर में करीब 500 किमी पुरानी पाइपलाइन बदली जाएगी और 17 नई पानी की टंकियाँ बनाई जाएंगी। स्काडा सिस्टम के माध्यम से जल आपूर्ति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी, जिससे लीकेज और बर्बादी पर रोक लगेगी। योजना के तहत हरियाखेड़ी, अंबोदिया और गऊघाट सहित चार बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) भी विकसित किए जाएंगे।
सीएम के हाथों इन कामों को भी मिली हरी झंडी
बुधवार दोपहर कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्यों की भी शुरुआत की ।
16 करोड़ की लागत से जीवाजीगंज सिविल अस्पताल का भूमिपूजन
3 करोड़ से भैरवगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भूमिपूजन।
2.36 करोड़ की लागत से 16 नए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण गाड़ी व 5 अन्य वाहन शहर को समर्पित किए जाएंगे।
नवीन वायरलेस हेंडसेट लोकार्पण 0.75 करोड़ रुपए,
शिप्रा विहार में नगर वन (90 लाख) का लोकार्पण
स्मार्ट सिटी के तहत स्केटिंग रिंग (1.32 करोड़) का भूमिपूजन।
रामघाट छोटे पुल की पेयजल लाइन शिफ्टिंग (6.12 करोड़ रुपए) भूमिपूजन।
सीएनजी आधारित एनिमल कारकस प्लांट (2.49 करोड़ रुपए) का भी शुभारंभ









