Advertisement

कालिदास अकादमी में दो दिन मिलेट्स फूड फेस्टिवल

वैज्ञानिक किसानों को देंगे खेती के वैल्यू एडिशन की जानकारी

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कालिदास अकादमी परिसर में शनिवार से जायकों की महफिल सजेगी। दो दिन तक आम शहरी यहां मिलेट्स से बने फूड को मजा ले सकेंगे। इतना ही नहीं वैज्ञानिक किसानों को उपज का वैल्यू एडिशन कर दाम दोगुने करने के तरीके भी सिखाएंगे। अकादमी परिसर में मेला सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक रहेगा।

उपसंचालक कृषि यूएस तोमर ने बताया कि दो दिवसीय मेला किसानों की आय दोगुना करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसमें सबसे आकर्षण श्री अन्न फेस्टिवल रहेगा। लोग यहां कोदो-कुटकी, रागी, बाजरा, जैसे मोटे अनाज से बने फूड का आनंद ले सकेंगे।

Advertisement

यह खास रहेगा मेले में

मेले में प्रदेश के जाने-माने वैज्ञानिक शिरकत करेंगे। वह किसानों से उपज के वैल्यू एडिशन पर बात करेंगे। जैसे गेहूं से आटा, रवा, मैदा, थूली तैयार की जा सकती है। चावल से परमल, पोहे बनाए जा सकते हैं। टमाटर, मिर्ची से सॉस, फलों से ज्यूस, आलू से चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, फिंगर चिप्स तैयार किए जा सकते हैं। वैल्यू एडिशन से मूल कीमत से दो से तीन गुना आय हो सकती है।

Advertisement

वैज्ञानिक खेती के साथ फिशरी, पोल्ट्री, बकरी पालन की जानकारी भी देंगे।

किसानों को मिलेट्स की ख्ेाती के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। उन्हें श्री अन्न की खेती से होने वाले लाभ की जानकारी भी दी जाएगी। जैसे श्री अन्न में खाद का प्रयोग नहीं के बराबर होता है, जबकि उत्पादन दो से तीन गुना होता है। यह कम पानी में भी हो जाते हैं।

दरअसल, सरकार का फोकस किसानों को गेहूं-चावल से हटकर अन्य खाद्य पदार्थों की खेती की और मोडऩा है। इसकी वजह यह है कि इन फसलों में पानी और खाद काफी लगता है। उत्पादन भी कम होता है। इस वजह से किसान को ज्यादा आय नहीं होती। गेहूं-चावल के बजाय श्री अन्न की खेती में लागत कम होती है, जबकि उत्पादन के साथ कीमत भी ज्यादा मिलती है।

मेले में जैविक खेती और जैविक उपज भी प्रदर्शित की जाएगी। जैविक उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। यह भी बताया जाएगा कि ऑनलाइन ऑर्डर कर भी यह उत्पाद मंगाए जाते हैं।

डीडीए यूएस तोमर ने बताया मेले का प्रमुख आकर्षण मिलेट्स फूड फेस्टिवल रहेगा। दो दिन तक चलने वाले फेस्टिवल में मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के माध्यम से श्री अन्न से बनी खाद्य सामग्री परोसी जाएगी।

Related Articles

Write a review