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केडी गेट रोड का काम थमा, पसोपेश में अफसर

नाली और बचे काम कर रहे अधिकारी, इलेक्ट्रिक पोल का काम अटका

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:केडी गेट से इमली तिराहा तक रोड चौड़ीकरण का काम फिलहाल आगे बढऩे से थम गया है। नगर निगम प्रशासन भी इसको लेकर पसोपेश में हैं। इस कारण इलेक्ट्रिक पोल लगाने का काम भी अभी अधर में पड़ गया है। केवल नाली और बीच के छूटे हिस्सों का काम किया जा रहा है। पेवर ब्लॉक लगाने का काम जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

दरअसल, केडी गेट रोड पर सेंट्रल लाइट लगाए जाए या नहीं, इसको लेकर स्थिति पूरी तरह से साफ नहीं हो सकी है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 16 दिसंबर की स्वागत रैली के दौरान सेंट्रल लाइट लगाने की घोषणा की थी, लेकिन विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और निगम अध्यक्ष कलावती यादव के साथ निगमायक्त रोशनकुमार सिंह द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान यह तय किया गया है कि बाकी मकानों की गेलरियां न तोड़कर काम को आगे बढ़ाया जाए। हालांकि इस पर भी अभी सर्वसम्मत निर्णय नहीं हो सका है। इस कारण निगम प्रशासन पसोपेश में हैं।

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दिसंबर का टारगेट भी पिछड़ा

विधानसभा चुनाव से पहले रोड का काम दिसंबर में पूरा करने का टारगेट दिया गया था। यह टारगेट भी अब पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। नई परिस्थितियों के कारण इसका काम पूरा होने में अभी वक्त लगेगा।

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सेंट्रल लाइटिंग से ही उपयोगी होगा रोड

सीएम डॉ. यादव के अनुसार रोड पर सेंट्रल लाइटिंग की गई तो ही यह उपयोगी हो सकेगी। सिंहस्थ में महाकाल मंदिर को गढ़कालिका, कालभैरव, सिद्धवट, मंगलनाथ मंदिर और अंगारेश्वर मंदिर से जोडऩे में यह रोड महत्वपूर्ण है। इस कारण सीएम का विजन भविष्य की दृष्टि से उचित माना जा रहा। इस कारण शासन स्तर पर सेंट्रल लाइटिंग के लिए तकनीकी स्तर पर और संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। इसके बाद ही कोई निर्णय होगा। सीएम डॉ. यादव जो ठान लेते हैं, उसे पूरा जरूर करते हैं। इस नजरिए से भी अभी कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है।

रोड चौड़ीकरण से जुड़े 5 मुद्दे

1. सेंट्रल लाइट करने पर खर्चा ज्यादा हो सकता है। साढ़े चार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च संभव।

2. रोड के बीच डाली गई लाइन को नए सिरे से डालना होगा।

3. रोड पर अधिकतर हिस्से में सीमेंट कांक्रीट किया जा चुका है।

4. सेंट्रल लाइटिंग जरूरी है। इससे भविष्य में रोड उपयोगी हो सकेगा।

5. नए सिरे से काम करने पर खर्च का एस्टीमेट बनाना होगा।

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