खरमास शुरू, शुभ कामों पर ब्रेक

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 14 मार्च यानी आज से खरमास की शुरुआत हो गई है जिसके चलते अब शुभ कार्यों पर एक माह का ब्रेक लग गया है। इस अवधि के दौरान जैसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य नहीं होंगे। 14 अप्रैल को खरमास का समापन होगा जिसके बाद एक बार फिर से शुभ कार्यों की शुरुआत होगी और बैंड-बाजे के साथ शहनाइयां गूंजेंगी। दरअसल, सनातन धर्म में खरमास को अशुभ माना जाता है।
इस दौरान विवाह समारोह, सगाई, कोई नया काम शुरू करना, नए मकान में गृह प्रवेश सहित अन्य शुभ कार्य करना वर्जित रहता है। इसके अलावा नया वाहन या कोई नई प्रॉपर्टी खरीदना भी शुभ नहीं माना जाता है। खरमास साल में दो बार आता है। पहला जब एक जब सूर्य धनु राशि में होता है। दूसरा जब सूर्य मीन राशि में आता है। इस दौरान सूर्य का पूरा प्रभाव यानी तेज पृथ्वी के उत्तरी गोलाद्र्ध पर नहीं पड़ता। सूर्य की इस कमजोर स्थिति के कारण ही पृथ्वी पर इस दौरान मांगलिक और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। किसी भी नए काम की शुरुआत नहीं की जाती।
चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से
मां शक्ति की भक्ति के पर्व चैत्र नवरात्रि की शुरुआत १९ मार्च से होगी। इस बार नवरात्रि पूरे 9 दिनों की होगी। सनातन धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। सालभर में दो गुप्त नवरात्रि सहित चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि सहित 4 नवरात्रि मनाई जाती है। माघ और आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि आती है। इसमें मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है, जबकि चैत्र माह की नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि एवं आश्विन माह में आने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के ९ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। अंतिम दिन कन्याओं को भोजन कराकर मां का आशीर्वाद लिया जाता है।
गुड़ीपड़वा की शुरुआत भी
19 मार्च से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होगी। अलसुबह सूर्य को अघ्र्य देकर शंख ध्वनि के बीच नए साल का स्वागत किया जाएगा। साथ ही महाराष्ट्रीय समाज का प्रमुख पर्व गुड़ीपड़वा भी मनाया जाएगा। इस दिन महाराष्ट्रीयन परिवारों में सुबह गुड़ी सजाकर उसकी पूजा की जाएगी और पूरनपोली, श्रीखंड-पूरी सहित अन्य व्यंजनों बनाए जाएंगे।









