गंगोत्री से शुरू होने वाला नेशनल हाइवे 34 का दायरा मप्र तक बढ़ा

मध्यप्रदेश में नेशनल हाइवे का जाल बिछाने का काम तेज गति से जारी…
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
भोपाल। मध्यप्रदेश में बनने जा रहे 3 नेशनल हाई-वे प्रदेश के तस्वीर व तकदीर बदल देंगे। इन नेशनल हाईवे से बुंदेलखंड के सभी प्रमुख जिले जुड़ेंगे। सागर-कानपुर नेशनल हाई-वे से छतरपुर, टीकमगढ को जोड़ा जा रहा है। भोपाल और विदिशा भी सीधे नेशनल हाईवे से जुडऩे जा रहे हैं। इसके लिए अलग-अलग खंडों में सड़कों का अपग्रेडेशन किया जा रहा है। इसके लिए नवंबर 2027 की डेडलाइन भी तय कर दी गई है।
मध्यप्रदेश में नेशनल हाई-वे 34 को शाहगढ़ से दमोह तक के हिस्से को अपग्रेड किया जा रहा है। नेशनल हाईवे 34 उत्तराखंड के गंगोत्री से शुरू होता है। इसके बाद यह कई शहरों से होते हुए मध्य प्रदेश के शाहगढ़ से होते हुए लखनादौन तक जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के शाहगढ़ से दमोह तक के 63 किलोमीटर तक के हिस्से को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके लिए 531 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है।
सड़क चौड़ीकरण के बाद जबलपुर से शाहगढ़ तक की दूरी करीबन 16 किलोमीटर कम हो जाएगी। मध्यप्रदेश की रामराजा सरकार की नगरी ओरछा और टीकमगढ़ जिला भी सीधे कानपुर हाई-वेे से जुडऩ़े जा रहा है। भारत सरकार के सड़क़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पहले ही टीकमगढ़ से शाहगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 539 के लिए 1111.76 करोड़ लागत राशि की स्वीकृति दी जा चुकी है। 80.70 किलोमीटर लंबाई वाला यह नेशनल हाई-वे हीरापुर तक जाएगा, जहां यह एनएच 539 से मिल जाएगा। इस नेशनल हाई-वे से टीकमगढ़ जिले की कलेक्टेविटी उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों के अलावा जबलपुर, दमोह रूट पर भी बहुत आसान हो जाएगी।
सागर-कानपुर हाई-वे का काम काम कहां कितना
सागर-कानपुर नेशनल हाई-वे 34 का काम जोरशोर से चल रहा है। अलग-अलग खंडों में किए जा रहे नेशनल हाई-वे के लिए परिवहन मंत्रालय ने डेडलाइन तय कर दी है। हालांकि कई खंडों में इस नेशनल हाई-वे का काम अपने अंतिम चरण में है। सागर से मोहारी के बीच का 42.3 किलोमीटर के हिस्से का काम 97 फीसदी तक पूरा हो चुका है। इसके लिए 346.36 करोड़ का बजट आवंटन किया गया। इसकी डेडलाइन 31 दिसंबर 2025 तय। बेरखेडी-सागर लिंक रोड का काम भी 74.50 फीसदी पूरा हो गया है। इस मार्ग की लंबाई 28.52 किलोमीटर है। इसके लिए 287.82 करोड़ लागत तय है। इसके लिए 15 जुलाई 2026 डेडलाइन है। मोहारी-सटई घाट के बीच की 42.3 किलोमीटर की सड़क का काम 69.77 फीसदी पूरा हो चुका है। 351 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे सड़क़ के लिए 22 अगस्त 2026 की डेडलाइन तय है। सटई घाट से चौका तक की 55.1 किलोमीटर की सड़क का काम धीमी रफ्तार से चल रहा है। अभी इसका सिर्फ 1.2 फीसदी काम ही पूरा हो सका है। इसके लिए 27 अक्टूबर 2027 डेडलाइन है। चौका से कैमाहा यानी मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के बार्डर तक की 43.9 किलोमीटर की सडक़ का काम भी अभी तक 6.9 फीसदी ही पूरा हो सका है। 586.66 करोड़ की लागत वाली इस सड़क के लिए 21 सितंबर 2027 डेड लाइन।
भोपाल भी जुड़ेगा सागर-कानपुर नेशनल हाई-वे से
भोपाल को भी सीधे कानपुर नेशनल हाईवे से जोड़ा जा रहा है। भोपाल और सागर को जोडऩे वाले नेशनल हाई-वेे 146 को फोरलेन और अपग्रेडेशन का काम जोरशोर से चल रहा है। यह काम भी अलग-अलग खंडों में चल रहा है। हालांकि तय समय सीमा में इसके पूरा होना मुश्किल लग रहा है। भोपाल से विदिशा के मौरीकोड़ी तक की 42.041 किलोमीटर तक की सड़क का काम अभी शुरूआती स्थिति में है। इसके लिए 742.81 करोड़ की लागत राशि तय की गई है। इसके लिए डेडलाइन 12 नवंबर 2027 तय की गई है। विदिशा बायपास का काम 64 फीसदी पूरा हो गया है।
20 किलोमीटर लंबे इस बायपास के लिए 721 करोड़ का बजट तय किया गया था। इसके लिए 30 मई 2026 की समय सीमा तय की गई है। विदिशा से ग्यारसपुर का 28 किलोमीटर के मार्ग पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। ग्यारसपुर से राहतगढ़ के बीच का 36.10 किलोमीटर की सडक़ का अपग्रेडेशन का काम सिर्फ 2.76 फीसदी ही पूरा हो पाया है। इसकी समय सीमा 6 नवंबर 2027 है। राहतगढ़ से बेरखेड़ी का 10 किलोमीटर के हिस्से में भी अभी काम शुरू हुआ है। यह काम भी 20 दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। बेरखेडी से सागर लिंक रोड के 28.52 किलोमीटर का काम 74.50 फीसदी पूरा हो चुका है। इसे 15 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाना है।









