चौड़ीकरण में सुस्ती, निगमायुक्त फिर नाराज

कोयलाफाटक-निजातपुरा में सुस्त रफ्तार पर इंजीनियरों और ठेकेदारों को लगाई फटकार
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आगामी सिंहस्थ के लिए शहर की प्रमुख सड़कों को चौड़ीकरण का काम पिछले साल से शहर में शुरू हो गया है। लेकिन निर्माण कार्य की चाल इतनी धीमी है कि अधिकारी भी हैरान हैं। सड़क चौड़ीकरण कार्यों की कछुआ चाल देख नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा भी गुरुवार दोपहर को सख्त तेवर में नजर आए। कामों का निरीक्षण करने पहुंचे आयुक्त ने कोयला फाटक क्षेत्र में अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को दो-टूक चेतावनी दी कि निर्माण की गति बढ़ाई जाए, ताकि जनता को धूल, गदंगी और जाम से जल्द राहत मिल सके।गुरुवार दोपहर बाद आयुक्त मिश्रा ने कोयला फाटक से निजातपुरा तक चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने पाया कि मार्ग में आने वाली कई बाधाएं अब भी जस की तस हैं। उन्होंने भवन अधिकारी और इंजीनियरिंग टीम कहा कि कि सड़क की जद में आने वाले जो भी स्थल या मकान हटाए जाने हैं, उन्हें अगले 3 दिनों के भीतर हर हाल में हटाया जाए। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कंठाल तक जल्द पहुंचे सड़क और नाली
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि इस मार्ग पर फिलहाल 300 मीटर से अधिक सड़क का निर्माण पूर्णता की ओर है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाते हुए कंठाल चौराहे तक पहुंचाया जाए। कंठाल चौराहे तक नाली बनाने का काम तय समय सीमा में पूरा किया जाए।
केड़ी गेट क्षेत्र में संसाधन बढ़ाने का कहा
कोयला फाटक के बाद आयुक्त ने केडी गेट चौराहा से खजूर वाली मस्जिद तक चल रहे कार्यों को भी देखा और वहां भी संसाधनों की संख्या बढ़ाने को कहा। यहां सड़कों पर नाली का पानी बह रहा था। कामकाज की रफ्तार यहां भी काफी धीमी थी। जिसे संसाधन बढ़ाकर तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय निगम आयुक्त के साथ भवन अधिकारी राकेश वास्कले, सहायक यंत्री डीएस परिहार, निर्झर शुक्ला, उपयंत्री श्याम शर्मा सहित निर्माण एजेंसी के ठेकेदार मौजूद थे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि संसाधनों की कमी का बहाना अब नहीं चलेगा, काम दिन-रात चलाकर समय पर पूरा किया जाए।
गंदगी-मलबा फैला है, प्लानिंग कहीं नजर नहीं आती
गुरुवार को निगम आयुक्त के निरीक्षण के बाद शुक्रवार सुबह अक्षरविश्व की टीम ने भी क्षेत्र का दौरा किया तो सामने आया कि यहां जगह-जगह गदंगी फैली है। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल है। गंदगी और जगह-जगह पानी भरा होने से मच्छर भी पनप रहे हैं। यह हालात निजातपुरा, कोयला फाटक, कोतवाली क्षेत्र, तेलीवाड़ा सहित केडी गेट इलाके में देखे जा सकते हैं।
मंदिरों को हटाने की भी तैयारी नहीं, सफाई पर फोकस नहीं
कोयला फाटक, निजातपुरा, बियापानी, तेजीवाड़ा क्षेत्र में मई 2025 से चौड़ीकरण चल रहा है। लोगों ने तुरंत अपने मकान तोड़े। अब निगम की बारी है। यहां बिना प्लानिंग के निर्माण हो रहे हैं। कभी बनाते है तो कभी उसी को तोड़ देते हैं। नालियां, सड़क भी जिम्मेदार नहीं बना पा रहे हैं। निकास चौराहे का सिंह भवानी मंदिर, कोतवाली थाने के पास का प्राचीन गणेश मंदिर कहां शिफ्ट करेंगे, कोई तैयारी नहीं है। प्राचीन शीतला माता मंदिर में फेरबदल कैसे होगा, इस बारे में भी कोई प्लानिंग नहीं है। ठेकेदार द्वारा फैलाई जा रही गंदगी के लिए नियमित रूप से सफाई कर्मी भी नहीं आ रहे हैं, जबकि दीपावली के वक्त निगम आयुक्त ने स्वयं निरंतर सफाई का वादा क्षेत्रवासियों के किया था। हालात यह है कि ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। बिना प्लानिंग के काम हो रहा है। निगम के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि की बात पर भी अमल नहीं हो रहा है।
– मोहित जायसवाल
पार्षद प्रतिनिधि वार्ड 19 तेजी से काम के निर्देश
निर्माण कार्यों मेें तेजी के निर्देश टीम को दिए हैं। समय सीमा में काम कराने की तैयारी चल रही है।
अभिलाष मिश्रा, निगम आयुक्त










