जोरशोर से चल रहीं तैयारियां, वाहन खरीद पर टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट

जल्द खत्म होगा इंतजार… 15 फरवरी से इंजीनियरिंग कॉलेज ग्राउंड पर लगेगा विक्रम व्यापार मेला
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। यदि आप वाहन मेले से वाहन खरीदने का इंतजार कर रहे हैं तो एक साल का लंबा इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी से इंजीनियरिंग कॉलेज ग्राउंड पर विक्रम व्यापार मेला लगने जा रहा है। पिछले सालों में व्यापार मेले को मिली जबर्दस्त सफलता के चलते इसके लिए फिलहाल जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं। गुड़ी पड़वा (19 मार्च) तक लगने वाले इस मेले में दोपहिया एवं चौपहिया वाहनों की खरीदी पर कस्टमर को मोटरयान कर में ५० प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह मेला 139 दिनों के भव्य विक्रमोत्सव-2026 का हिस्सा है जो 12 फरवरी से 30 जून तक विभिन्न चरणों में चलेगा। शोरूम संचालकों ने भी इसके लिए तमाम तैयारियां कर ली हैं। अब उन्हें इंतजार है तो केवल मेले के शुभारंभ का।
दरसअल, इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान पर इसकी तैयारियां जोरों से जारी हैं, वर्तमान में यहां पर प्रदेशभर से आने वाले वाहन डीलर के लिए लकड़ी से शोरूम तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा लाइटिंग एवं अन्य सुविधाएं भी जुटाई जा रही हैं। उम्मीद है कि शुभारंभ से पहले सभी काम खत्म कर लिए जाएंगे।
मेले में लगेंगी 223 दुकानें
विक्रम व्यापार मेला पिछले सालों के मुकाबले इस बार बड़े स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। मेले में चौपहिया वाहनों की 123 दुकानें, दोपहिया वाहनों की 40 दुकानें और फूड जोन की 60 दुकानें सहित कुल 223 दुकानें रहेंगी। यह मेला पिछले वर्ष की तरह इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर के ग्राउंड में लगेगा। इसका उद्देश्य बढ़ती भीड़ और वाहनों की संख्या को देखते हुए खरीदारों और डीलरों को बेहतर सुविधाएं देना है। बड़े ग्राउंड में पार्किंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट व स्टॉल व्यवस्था अधिक सुचारु रहने की उम्मीद है।
खरीदारों के लिए सुनहरा अवसर
व्यापार मेला ना केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देगा बल्कि खरीदारों के लिए वाहन खरीदने का एक सुनहरा अवसर भी होगा, विशेषकर जब वे उज्जैन आरटीओ में ही पंजीकरण करवाते हैं। कई ग्राहक फेस्टिवज सीजन या विशेष मौके पर ही वाहन खरीदते ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा छूट और ऑफर्स का फायदा मिल सके लेकिन व्यापार मेले में उन्हें एक ही जगह पर सभी तरह के नए-नए फीचर्स से लैस वाहन तो मिलेंगे ही, साथ ही छूट का फायदा भी मिलेगा।
उज्जैन ने ग्वालियर का रिकॉर्ड तोड़ा था
आरटीओ संतोष मालवीय के अनुसार उज्जैन में वाहन मेले की शुरुआत वर्ष 2024 में दशहरा मैदान पर हुई थी। पहले ही साल मेले में 23,705 वाहन बिके थे जिससे शासन को 122.11 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था। उस वर्ष ग्वालियर मेले में 27,326 वाहन बिके थे। 2025 में उज्जैन विक्रम व्यापार मेले ने इतिहास रच दिया। ग्वालियर में जहां 28,613 वाहनों की बिक्री से 106 करोड़ रुपए का राजस्व मिला, वहीं उज्जैन में रिकॉर्डतोड़ 36,223 वाहन बिके और शासन को 313.55 करोड़ रुपए का राजस्व मिला।









