डीएवीवी हॉस्टल में ‘दोस्ती’ का दबाव बनाने वाली छात्रा दोषी… पिता शर्मिंदगी में ले गए कोलकाता

अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के गल्र्स हॉस्टल में छात्राओं पर लड़कों से दोस्ती करने का दबाव बनाने वाली छात्रा पर जांच का शिकंजा पूरी तरह कस गया है। विश्वविद्यालय की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में छात्रा को हॉस्टल की मर्यादा और नियमों के उल्लंघन का गंभीर दोषी पाया है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्रा के पिता को कोलकाता से इंदौर बुलाया गया। जब वार्डन ने उन्हें उनकी बेटी की करतूतों और जांच रिपोर्ट के सबूत दिखाए, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। पिता अपनी बेटी को साथ लेकर तुरंत कोलकाता रवाना हो गए। छात्रा ने अपना सामान समेट कर हॉस्टल खाली कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए यह साफ कर दिया है कि कैंपस और हॉस्टल के भीतर किसी भी तरह की संदिग्ध या अनैतिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि है।
जांच रिपोर्ट के बड़े खुलासे…
साजिश का पर्दाफाश: जांच में यह साबित हो गया है कि कोलकाता की रहने वाली यह छात्रा हॉस्टल की अन्य लड़कियों को एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए अनजान लड़कों से दोस्ती करने के लिए उकसाती और उन पर दबाव डालती थी।
शिकायतकर्ताओं के बयान: हॉस्टल की ही 4 बहादुर छात्राओं ने कमेटी के सामने अपने बयान दर्ज कराए, जिसमें उन्होंने छात्रा की आपत्तिजनक गतिविधियों और मानसिक दबाव की पूरी कहानी बयां की।
निलंबन पर मुहर: कमेटी ने छात्रा के शुरुआती निलंबन को बिल्कुल सही ठहराया है और स्पष्ट किया है कि उसकी हरकतें शैक्षणिक माहौल को खराब करने वाली थीं।
निजी मामले का बहाना खारिज: छात्रा ने अपने बचाव में इसे ‘निजी मामला’ करार दिया था, जिसे कमेटी ने हॉस्टल नियमों के खिलाफ मानते हुए सिरे से खारिज कर दिया।










