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त्रिवेणी पर फिर बनाया जा रहा मिट्टी का स्टापडेम

मकर संक्रांति पर शिप्रा में नर्मदा के पानी से श्रद्धालुओं को पर्व स्नान कराने की कवायद शुरू

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:शिप्रा नदी में बारिश के बाद से ही लगातार कान्ह नदी का दूषित पानी मिल रहा है जिसमें श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। कान्ह का दूषित पानी रोकने और नर्मदा का साफ पानी शिप्रा नदी में स्टोर करने के निर्देश के बाद जल संसाधन और पीएचई अफसरों ने नये सिरे से कवायद शुरू की है। अफसरों का दावा है कि मकर संक्रांति पर्व तक शिप्रा नदी में नर्मदा का स्वच्छ पानी स्टोर कर लिया जायेगा। हालांकि इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है।

15 जनवरी को श्रद्धालु शिप्रा नदी में पर्व स्नान करने बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। वर्तमान में शिप्रा नदी में कान्ह का दूषित पानी स्टोर है और आज से त्रिवेणी स्थित कान्ह नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा दूषित पानी को शिप्रा में मिलने से रोकने के लिये मिट्टी का स्टापडेम बनाने का काम शुरू किया गया है, जबकि अभी तक गऊघाट से रामघाट तक शिप्रा नदी में दूषित पानी ही स्टोर है।

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वहीं दूसरी ओर पीएचई अफसरों द्वारा पाइप लाइन के माध्यम से नर्मदा के पानी का इंतजार किया जा रहा है। कल गऊघाट पाले से आगे नर्मदा का पानी आने की संभावना थी लेकिन विद्युत फाल्ट की वजह से पानी यहां तक नहीं पहुंचा। सुबह पीएचई कार्यपालन यंत्री एन.के. भास्कर ने बताया कि पानी का इंतजार कर रहे हैं स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही, जबकि वर्तमान स्थिति यह है कि गऊघाट से रामघाट तक पहले से शिप्रा नदी में स्टोर कान्ह का दूषित पानी ही आगे नहीं बहाया जा रहा ऐसे में रामघाट तक नर्मदा का स्वच्छ पानी कैसे स्टोर होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

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