दावा- अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर ईरान का मिसाइल अटैक, शिप को भारी नुकसान

तेल अवीव/तेहरान अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के 14वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसस अब्राहम लिंकन पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में जहाज को भारी नुकसान हुआ है। यह फारस की खाड़ी में तैनात था। ईरानी सेना की स्पेशल यूनिट इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कहना है कि हमले के बाद यह एयरक्राफ्ट कैरियर अब पीछे हट रहा है और अमेरिका की तरफ लौट रहा है। हालांकि अभी तक अमेरिकी सरकार या सेना की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, अमेरिका का एक सैन्य विमान बोइंग केस-135 इराक क्रैश हो गया है। इस घटना के बाद इराक के एक शिया विद्रोही गुट ने दावा किया है कि उसी ने इस विमान को मार गिराया। इससे पहले 2 मार्च को कुवैत में भी फ्रेंडली फायरिंग की घटना में अमेरिका के तीन सैन्य विमान क्रैश होने की खबर सामने आई थी।
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दावा- ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पैर काटना पड़ा
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं। ब्रिटिश मीडिया द सन की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी हालत बेहद गंभीर है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले में चोट इतनी गहरी थी कि उनका एक पैर काटना पड़ा और लिवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के एक हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां भारी सुरक्षा तैनात है। यहां बाहरियों की एंट्री पर रोक है।
ट्रम्प बोले- जहाजों का कू्र हिम्मत दिखाकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे
डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि तेल के टैंकरों के क्रू को हिम्मत दिखानी चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट गुजरना चाहिए। जबकि ईरान वहां जहाजों पर हमले कर रहा है और तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। ट्रम्प ने कहा कि डरने की कोई बात नहीं है। उनके पास नौसेना नहीं है और हमने उनके सारे जहाज डुबो दिए हैं। शिपिंग कंपनियों के कई अधिकारियों ने अमेरिकी नौसेना से जहाजों को सैन्य सुरक्षा देने की मांग की है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने फिलहाल इसे बहुत खतरनाक मानते हुए मंजूर नहीं किया है। युद्ध शुरू होने के बाद पिछले दो हफ्तों में कम से कम 16 तेल टैंकर और कोर्गो शिप्स पर हमला हुआ है।









