दिव्य रूप में सजे बाबा महाकाल दर्शन कर भक्त निहाल

बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु
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शिव नवरात्र का दूसरा दिन
उज्जैन। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्र के दूसरे दिन भगवान महाकाल का भांग, चंदन और सूखे मेवों से अद्भुत शृंगार किया गया। इसके बाद नवीन वस्त्र के साथ बाबा मेखला, दुप्पटा, मुकुट, मुंडमाला, छत्र, नाग कुंडल आदि धारण करवाए गए। संध्या पूजन के बाद भगवान महाकाल ने भक्तों को दर्शन किए। श्रद्धालु भी बाबा को इस रूप में देखकर भावविभोर हो गए।
बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों के मंदिर पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। रविवार को बाबा का चंदन व भांग से शृंगार कर शेषनाग धारण करवाया जाएगा। दरअसल, शनिवार सुबह 8 बजे श्री गणेश पूजन व श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, अभिषेक कर आरती की गई। इसके पश्चात मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा बाबा महाकाल का अभिषेक एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ से किया गया। पूजन का यह क्रम 14 फरवरी तक निरंतर चलेगा।
शिव कथा एवं हरि कीर्तन
शाम 4.30 से 6 बजे तक मंदिर परिसर में नवग्रह मंदिर के पास शिव कथा एवं हरि कीर्तन हुआ। आयुर्वेदाचार्य डॉ. अजय अपामार्जने एवं तबला वादन में श्रीधर व्यास द्वारा परमात्मा की प्राप्ति का सर्वश्रेष्ठ मार्ग भक्ति है यह सीख दी। उन्होंने बताया कि भक्ति नौ प्रकार की होती है, जैसे श्रवण भक्ति, कीर्तन भक्ति, स्मरण भक्ति, पादसेवन भक्ति, अर्चन भक्ति, वंदन भक्ति, दास्य भक्ति, शरण्य भक्ति, आत्मनिवेदन भक्ति आदि। उनके भजनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
व्यवस्था के अनुसार दर्शन करें- कलेक्टर
कलेक्टर ने भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वह मंदिर प्रशासन द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं के अनुरूप ही दर्शन करें ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानियों का सामना ना करना पड़े। उन्होंने अग्रिम रूप से सभी को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।










