मच्छरों के आतंक से बेहाल इंदौर: जोनों पर धूल खा रहीं करोड़ों रु. की फॉगिंग मशीनें

नगर निगम का अभियान ठप…
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अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। स्वच्छता में नंबर-1 इंदौर इन दिनों मच्छरों के जबरदस्त प्रकोप से जूझ रहा है। शाम होते ही नदी-नालों और रिहायशी इलाकों में मच्छरों की तादाद इतनी बढ़ जाती है कि लोगों का घरों में बैठना दूभर हो गया है। विडंबना यह है कि नगर निगम ने मच्छरों पर नियंत्रण के लिए करोड़ों रुपये के संसाधन और दवाइयां खरीदी थीं, जो अब जोनों और स्टोर रूम में कबाड़ बन रही हैं।
नगर निगम ने कोरोना काल के दौरान फॉगिंग मशीनें और कीटनाशक छिड़काव के अत्याधुनिक उपकरण बड़ी संख्या में खरीदे थे। वर्तमान में ये मशीनें शहर के विभिन्न जोन कार्यालयों में धूल खा रही हैं। इनमें से कई मशीनें ऐसी हैं जिनका एक बार भी उपयोग नहीं हुआ और वे स्टोर में रखे-रखे ही खराब हो रही हैं।
सालों से बंद है छिड़काव अभियान
शहरवासियों का आरोप है कि पिछले दो-तीन सालों से नगर निगम का नियमित फॉगिंग और दवा छिड़काव का अभियान पूरी तरह बंद पड़ा है। लाखों रुपए की मच्छर नाशक दवाइयां स्टोर रूम में एक्सपायर हो रही हैं, लेकिन सड़कों पर छिड़काव नहीं किया जा रहा। स्वच्छता के बड़े दावों के बीच मच्छरों पर नियंत्रण न पाना निगम प्रशासन की बड़ी नाकामी साबित हो रहा है।









