मध्यप्रदेश में अब दूध बेचने वालों के लिए लाइसेंस जरूरी

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब डेयरी सहकारी समितियों को छोड़कर सभी दूध उत्पादकों और दूध विक्रेताओं को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार ऐसे सभी दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू करेगी।
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इसके साथ ही दूध संग्रह, परिवहन में उपयोग होने वाले उपकरणों और भंडारण व्यवस्था की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे मिलावटी दूध और दुग्ध उत्पादों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
राज्य में ऐसे दूध उत्पादकों और विक्रेताओं की पहचान की जाएगी जो अभी तक पंजीकृत नहीं हैं। इसके अलावा दूध से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी की मासिक रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां देश के कुल दूध उत्पादन का करीब 9 प्रतिशत यानी लगभग 213 लाख टन दूध का उत्पादन होता है। राज्य में सांची दूध प्रमुख डेयरी ब्रांड है और ग्रामीण क्षेत्रों में दूध संग्रह को बढ़ावा देने के लिए 381 नई सहकारी समितियां भी कार्य कर
रही हैं।









