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महाकाल की सवारी को परंपरागत मार्ग से नहीं निकाला तो आंदोलन करेगी कांग्रेस

शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जोशी ने किया ऐलान…

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  • सवारी में शामिल अफसरों के रिश्तेदार और परिचित पर लगे रोक, प्रशासन कोरोना के नाम पर डराना छोड़े
  • सत्ता के लोगों के साथ विपक्ष के नेताओं से भी करे सलाह मशविरा
  • सवारी की पूजा में वीआईपी लोगों के शामिल होने पर रोक लगे, जनता का हाल जानने आए महाकाल इसमें वीआईपी का क्या काम

उज्जैन।महाकाल जनता का हाल जानने के लिए निकलते हैं। जनता को उनके दर्शन हो इसके लिए सवारी परंपरागत मार्ग से निकाली जानी चाहिए। यह मांग शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश सोनी ने प्रेसवार्ता में की। उन्होंने कहा की शहर कोरोना के संकट से उबर रहा है। अब लोगों को महाकाल के दर्शन करने की छूट मिलनी चाहिए। यानी पहले वाला सिस्टम लागू होना चाहिए। इसके तहत पहले आओ, पहले पाओ के तहत लोगों को दर्शन करने की सुविधा मिलनी चाहिए। प्रशासन दर्शन के लिए छोटे-छोटे गुटों में अनुमति दे। ताकि सोशल डिस्टेंस का पालन भी कराया जा सके।

भस्म आरती में सभी प्रोटोकाल खत्म हो
सोनी ने कहा, महाकाल की भस्म आरती में सभी तरह के प्रोटोकाल खत्म किए जाने चाहिए। इसमें पहले आओ,पहले पाओ के तहत लोगों को प्रवेश दिया जाए। कुछ प्रतिशत ऑनलाइन आने वालों को भी प्रवेश के लिए रखा जाए। अभी अफसर, नेता, कोर्ट के अफसर, अखबार के लोगों को छूट रहती है। इससे आम लोगों को भस्म आरती में शामिल होने में परेशानी होती है। वहीं भस्म आरती के पास की कालाबाजारी से शहर की बदनामी भी होती है।

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सवारी का मार्ग बदला तो आंदोलन : कांग्रेस अध्यक्ष सोनी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण पंवार ने कहा, पंरपरागत मार्ग नहीं बदला जाना चाहिए। रामघाट पर वीआईपी लोगों के आने से लगने वाली भीड़ को रोकना चाहिए। क्योंकि वहां कई लोग भीड़ में फंसते है तथा कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। बाकी मंदिरों को खोलना चाहिए। ताकि महाकाल मंदिर पर भक्तों की भीड़ का दबाव कम हो। सवारी विधिवत परंपरागत मार्ग से निकाली जाए। वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमल पटेल ने गांव से आने वाले कावडिय़ों के लिए व्यवस्था बनाने की मांग की है। ताकि उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इस दौरान लालचंद भारती भी मौजूद थे।

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