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महाकाल लोक से पर्यटन को लगे पंख, धार्मिक स्थलों में उज्जैन फिर अव्वल

उज्जैन। श्री महाकाल लोक ने उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के मामले में लगातार दूसरे साल नंबर वन शहर बना दिया है। जंगल सफारी, पुरातत्विक महत्व के लिए जाने जाने वाले मध्यप्रदेश में अब आस्था के केंद्र बड़े पर्यटक स्थल बनकर उभर रहे हैं। पर्यटन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस श्रेणी में उज्जैन लगातार दूसरे साल पहले पायदान पर है। वर्ष 2024 में उज्जैन पर्यटकों की संख्या के मामले में पहले स्थान पर था, इस बार उसने आंकड़ों में और बढ़ोत्तरी हासिल की। 2025 के दिसंबर तक 6 करोड़ लोग बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके थे।

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अकेले उज्जैन में करोड़ों की आमद
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में प्रदेश पहुंचे 13.41 करोड़ पर्यटकों में से आधे से ज्यादा यानी 7.32 करोड़ श्रद्धालु अकेले उज्जैन के महाकाल मंदिर आए थे। आस्था का यह सैलाब 2025 में भी बरकरार रहा और दिसंबर तक करीब ६ करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दरबार में मत्था टेका। मार्च तक यह संख्या पिछले साल के आंकड़े से अधिक होने की संभावना है।

टॉप-10 में 7 धार्मिक स्थल- चित्रकूट और मैहर की लंबी छलांग
प्रदेश के टॉप-10 पर्यटन स्थलों में से 7 स्थान धार्मिक हैं। इनमें भी चित्रकूट और मैहर पर्यटकों की खासी पसंद में आते हैं। 2024 में तीसरे स्थान पर रहने वाला चित्रकूट 2025 में 1.60 करोड़ श्रद्धालुओं के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।
मैहर (मां शारदा धाम)- यहां 2025 में करीब 1.57 करोड़ भक्त पहुंचे, हालांकि चित्रकूट की तेज बढ़त के कारण यह तीसरे स्थान पर खिसक गया।
सलकनपुर का उदय- मां विजयासन देवी धाम में श्रद्धालुओं की संख्या 26.47 लाख (2024) से बढ़कर 32.29 लाख (2025) हो गई है।

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ओंकारेश्वर की रैंकिंग फिसली, पचमढ़ी प्रकृति प्रेमियों की पसंद
जहां एक ओर अन्य तीर्थ स्थल बढ़त बना रहे हैं, वहीं ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की संख्या 24.79 लाख से घटकर 13.65 लाख रह गई जिससे इसकी रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई। प्राकृतिक स्थलों की बात करें तो पचमढ़ी अभी भी सैलानियों की पहली पसंद है, जहां 2024 में 3 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे।

मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन/धार्मिक स्थलों की स्थिति

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पर्यटन स्थल वर्ष 2024 वर्ष 2025 स्थिति (ट्रेंड)
महाकाल मंदिर, उज्जैन 7.32 करोड़ 6 करोड़ नंबर 1 पर बरकरार
चित्रकूट धाम 1.19 करोड़ 1.60 करोड़ रैंकिंग में सुधार (सेकंड)
मां शारदा धाम (मैहर) 1.33 करोड़ 1.57 करोड़ तीसरे स्थान पर खिसका
विजयासन देवी (सलकनपुर) 26.47 लाख 32.29 लाख तेजी से बढ़त
ओंकारेश्वर 24.79 लाख 13.65 लाख रैंकिंग में गिरावट
पचमढ़ी (हिल स्टेशन) 3 लाख+ 3.50 लाख+ नेचर टूरिज्म में टॉप
मांडव (ऐतिहासिक) 1.90 लाख 2.10 लाख (अनु.) स्थिर

हेरिटेज स्थलों का हाल- मांडव और महेश्वर पीछे:

धार्मिक स्थलों की तुलना में ऐतिहासिक और हेरिटेज स्थलों पर भीड़ का ग्राफ काफी नीचे है

स्थल पर्यटक संख्या (अनुमानित)
मांडव 1.90 लाख
महेश्वर 1.75 लाख
भोजपुर 1.50 लाख

बेहतर सुविधाएं व व्यवस्थाओं ने जीता दिल

श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुविधाएं और व्यवस्थाओं में दिन प्रतिदिन सुधार हो रहा है। श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन हो रहे हैं। यहां की व्यवस्थाओं ने दर्शनार्थियों का दिल जीत लिया है और वे हमेशा यहां आने के लिए इच्छुक रहते हैं।
-आशीष फलवाडिय़ा
सहायक प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर

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