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मेडिकल छात्र की मौत, फिर भी सुरक्षा के इंतजाम अधूरे

आगर रोड नेशनल हाइवे पर दो और डेंजर जोन, लोगों ने कहा… स्पीड ब्रेकर ही स्थायी हल

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हरिओम राय|उज्जैन। आगर रोड स्थित मेडिकल कॉलेज के बाहर शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी प्रशासन ने सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नहीं किए हैं। पुलिस ने नेशनल हाइवे पर बैरिकेड्स लगाकर जिगजेग बनाया है, लेकिन रात के अंधेरे में ये जिगजेग भी दुर्घटना का कारण बन सकता है। शनिवार को आगर रोड पर आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र हर्षित की ट्रक की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हुई थी। घटना ने साथी छात्रों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। रविवार को पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने बैरिकेड्स और स्टॉपर लगाकर ‘जिगजेग’ बनाया है, ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाया जा सके।

दुर्घटना का कारण बन सकते हैं जिगजेग

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पुलिस प्रशासन ने जिगजेग लगाकर लोगों को शांत करने की कोशिश की है, जबकि इससे दुर्घटनाएं नहीं रुकेंगी। रात के अंधेरे में बीच सडक़ पर रखे जिगजेग के बैरिकेड्स बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बैरिकेड्स से समस्या का हल नहीं निकलेगा। यहां स्पीड ब्रेकर ही स्थायी हल है। विद्यार्थियों का कहना है कि यह एक अस्थायी समाधान है। उन्होंने मांग की है कि कॉलेज के सामने स्थायी स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं ताकि भविष्य में हर्षित जैसा हादसा दोबारा न हो। शनिवार को हुए चक्काजाम के दौरान भी विद्यार्थियों ने सीएसपी और चिमनगंज मंडी पुलिस से लिखित में स्पीड ब्रेकर बनवाने का आश्वासन मांगा था।

आगर रोड का सर्वाधिक व्यस्ततम स्थान

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मेडिकल कॉलेज के कारण यह स्थान आगर रोड के व्यस्ततम क्षेत्रों में शामिल है। यहां से मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी, स्टॉफ, मरीज, परिजन, व्यापारी और आसपास की करीब आधा दर्जन कॉलोनियों के रहवासियों को मिलाकर २४ घंटे में ५० हजार से अधिक लोगों की आवाजाही बनी रहती है। नेशनल हाइवे के ट्रैफिक के अलावा हजारों की संख्या में स्थानीय वाहन भी यहां से क्रॉस होते हैं। इस कारण यह तिराहा आगर रोड का सर्वाधिक डेंजर जोन है। रहवासी बताते हैं कि रोज ही यहां छोटे-बड़े एक्सीडेंट होते हैं, हालांकि अस्पताल पास होने के कारण तुरंत इलाज हो जाता है और बात नहीं बढ़ती।

आगर रोड पर यह भी हैं दुर्घटनाओं के स्पॉट गरोठ रोड ब्रिज के नीचे चक्रव्यूह-सा ट्रैफिक

आगर रोड पर चक कमेड़ गांव के पास से गुजरने वाले गरोठ रोड ब्रिज के नीचे ट्रैफिक काफी कंफ्यूज करने वाला हैं। यहां आठ रास्तों से वाहन आते-जाते हैं। यहां से ही शराब की दुकान की ओर आने-जाने वाले वाहनों का काफिला गुजरता है। यहां यातायात सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। दिनभर में कई वाहन एक-दूसरे से भिड़ते हैं।

पुरानी पुलिस चौकी डीमार्ट के सामने अंधा मोड़

आगर रोड पर डीमार्ट के सामने रोड पर अंधा मोड़ है। यहां पर भैरवगढ़-उन्हेन रोड से आने वाले वाहनों को आगर रोड पर सीधे से कुछ नजर नहीं आता। यहां भी स्पीड ब्रेकर की जरूरत है। ताकि वाहन धीमी गति से रोड क्रॉस करें और संभावित दुर्घटना टल सके। इस पाइंट पर आगर रोड और उन्हेल रोड के ट्रैफिक के अलावा डी मार्ट व आसपास की कॉलोनियों का अतिरिक्त लोड रहता है।

लोगों की मांग : स्पीड ब्रेकर ही स्थायी हल, तभी रुकेंगी दुर्घटनाएं

दुर्घटनास्थल के नजदीक रेस्टोरेंट संचालक राहुल राय ने बताया कि यहां दिनभर वाहनों का जमावड़ा रहता है। ऐसे में नेशनल हाइवे के ट्रैफिक को ब्रेक करना जरूरी है। एमपी ऑनलाइन संचालक सौरभ राय और राजेश नायक ने बताया कि रात में रोड पर अक्सर अंधेरा रहता है। ऐसे में पुलिस बैरिकेड्स से भी वाहन टकरा सकते हैं और बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

जूस व्यापारी राजेश सिंह का कहना है कि ट्रैफिक रोकने के लिए स्पीड ब्रेकर बहुत जरूरी है। वाहन इतनी तेजी से गुजरते हैं कि अकसर रोड क्रॉस करने वाले गफलत में आकर दुर्घटना का शिकार होते हैं। किराना व्यापारी रुप्पल ने बताया कि यहां हो रही दुर्घटनाएं टालने के लिए शासन को स्पीड ब्रेकर तुरंत बनाना होंगे।

ढाबों पर शराब पीने आने वाले बेतरतीब गाडिय़ां चलाते
आरडी गार्डी कॉलेज के छात्रों, व्यापारियों और कॉलोनियों के रहवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर कई ढाबों पर शराब पिलाई जा रही है। शहरी क्षेत्र में शराब प्रतिबंधित होने के कारण इस क्षेत्र में शहर से काफी लोगा रात के वक्त शराब पीने आते हैं और जाते वक्त नशे में बेतरतीब गाडिय़ां चलाते हैं। जो कि दुर्घटना का एक प्रमुख कारण है। ट्रैफिक व्यवस्था के साथ यह भी एक गंभीर समस्या है। नशे में धुत वाहन चालक इस मार्ग पर खतरा पैदा करते हैं। छात्रों ने मांग की है कि इन ढाबों पर तत्काल पुलिस कार्रवाई की जाए और शराब की बिक्री बंद कराई जाए।

जल्दी बन जाएंगे स्पीड ब्रेकर: फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के तहत बैरिकेड्स लगाए गए हैं। नेशनल हाइवे को यहां स्थायी रूप से स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए लिखा है। उन्होंने जल्दी ही स्पीड ब्रेकर बनाने का आश्वासन दिया है। नेशनल हाइवे विभाग ने जल्दी ही रोड की सभी लाइटें शुरू करने का भी कहा है। कुछ दिन में व्यवस्थाएं सुधर जाएंगी।- गजेंद्र पचोरिया, टीआई, थाना चिमनगंज

 

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