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रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए इंदौर में हाहाकार,दवा बाजार में उमड़ी भीड़

कोरोना संक्रमित मरीजों को लगाए जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी को लेकर शहर में हाहाकार मचा हुआ है।3 अप्रैल से प्रोडक्शन तेज कर दिया गया है। कंपनियों के अनुसार 10 अप्रैल तक सप्लाई नाॅर्मल हो सकती है।कालाबाजारी रोकने के लिए इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह ने आदेश दिया है कि इंजेक्शन को आधार और फोटो आईडी के आधार पर ही दिया जाएगा। पॉजिटिव रिपोर्ट भी दिखानी होगी और डॉक्टर की सिफारिश की पर्ची भी जरूरी होगी। स्टॉकिस्ट का कहा है कि रोजाना सुबह 11 बजे यह बताना होगा कि डिमांड कितनी हुई, सप्लाई कितनी की। ड्रग इंस्पेक्टर मॉनीटरिंग करेंगे कि नियमानुसार ही सप्लाई हो रही है या नहीं।

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बुधवार सुबह से ही शहर के कई मेडिकल स्टोर्स के बाहर इंजेक्शन खरीदने वालों की भीड़ लग गई। इसे नियंत्रित करने के लिए कतारें लगवाना पड़ी। कई दुकानदारों ने तो दुकानों के बाहर रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है के बोर्ड भी लगवा दिए। एक दिन पहले ही कलेक्टर ने इस इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे लेकिन इसका भी कोई असर नजर नहीं आया। बुधवार दोपहर दवा बाजार में हालात यह थी कि जिन मेडिकल दुकानों पर रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध था उनके बाहर सैंकडों की संख्या में खरीदारों की भीड़ मौजूद थी।

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प्रदेश में सबसे ज्यादा डिमांड इंदौर में है। यहां 700 मरीज रोजाना आ रहे हैं। संक्रमण दर भी 16% तक पहुंच गई है। मौतें भी हो रही हैं। इंदौर जिले में रोजाना पांच से छह हजार इंजेक्शन की डिमांड है।

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