लगातार बदल रहे मौसम से इस बार मार्च की विदाई ठंडी रहने के आसार

गर्मी को प्रभावित करने वाला सिस्टम आज से होगा एक्टिव
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इस बार मार्च के अंतिम दिन तपने वाले नहीं बल्कि ठंडे-ठंडे बीतने के आसार हैं। पिछले कुछ सालों के आंकड़े बताते हैं कि 20 से 31 मार्च के बीच अधिकतम तापमान 3७ से 4० डिग्री तक दर्ज होता रहा है लेकिन इस बार पिछले चार दिन से पारा 30 से ३६ डिग्री के बीच ही रिकॉर्ड हो रहा है। मार्च महीना खत्म होने में 8 दिन शेष हैं लेकिन सुबह 9 बजे तक हवा में ठंडक महसूस हो रही है। दरअसल, मौसम लगातार बदल रहा है। इस बार ११ मार्च तक जमकर तपिश रही। इसके बाद से अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव होता रहा। रविवार को अधिकतम तापमान ३४ डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार को न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अप्रैल और मई में पड़ती है भीषण गर्मी
गर्मी के सीजन में अप्रैल और मई माह को सबसे गर्म माना जाता है। इन दो महीनों में ही सबसे भीषण गर्मी पड़ती है। इस बार भी इन्हीं दो माह में गर्मी अपने शबाब पर होगी। ऐसे में पारा अधिकतम तापमान ४५ डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। इस दौरान नवतपा भी आएगा।
रोहिणी की शुरुआत 25 मई से
25 मई से नवतपा की शुरुआत होगी। कहते हैं कि इन नौ दिनों में भयंकर गर्मी पड़ती है लेकिन पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड देखें तो इस दौरान मौसम बदला है और बारिश भी हुई है जिससे रोहिणी का खंडित होना कहा जाता है। नवतपा का समापन 3 जून को होगा।
बारिश का दौर लगातार चल रहा
पिछले साल जून से बारिश का दौर जारी रहा। मानसून सीजन बीतने के बाद भी अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी और अब मार्च में भी पानी बरस गया। दरअसल, एक बार जब सिस्टम बनना शुरू होते हैं तो उनका बनने का क्रम एकदम से खत्म नहीं होता। आज से फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है।
इनका कहना: आज से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो रहा है। हालांकि, यह सिस्टम कमजोर है जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी होगी लेकिन बारिश की संभावना कम है। इसी के चलते मौसम बदल रहा है और ठंडक महसूस हो रही है। आने वाले दिनों में लगातार सिस्टम आ रहा है जिससे मार्च के अंतिम दिनों में मौसम बदला-बदला रहेगा।
-आरपी गुप्त, अधीक्षक, शासकीय जीवाजी वेधशाला









