विक्रम व्यापार मेले में तीन दिन शेष वाहन बिक्री में बन सकता नया रिकॉर्ड

अब तक बिके 35717 वाहन, इसमें 27885 कारें और 6121 टू-व्हीलर
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर में चल रहे विक्रम व्यापार मेले में अब केवल तीन दिन शेष हैं। ऐसे में मेले में वाहनों की खरीदी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालत यह है कि डिलीवरी के लिए भी कई घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है। वाहन बिक्री के मामले में इस बार मेला नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। गुरुवार शाम तक 35717 वाहन बिक चुके हैं, जबकि वर्ष 2025 में कुल 36225 वाहन बिके थे। अभी मेले में तीन दिन शेष हैं, ऐसे में उम्मीद है कि यह रिकॉर्ड इस बार टूट सकता है।
दरअसल,15 फरवरी से इंदौर रोड स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज ग्राउंड पर वाहन मेले की शुरुआत हुई थी। मेले में खरीदे जा रहे बाइक, कार एवं अन्य निजा वाहनों जैसे गैर परिवहन वाहनों पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसी आकर्षक छूट के कारण वाहनों की बिक्री में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
इसी का परिणाम है कि मेला वाहन खरीदारों को बेहद पसंद आ रहा है और वाहनों की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है। आरटीओ कर्मचारी नरेंद्र ढंढेरवाल ने बताया कि गुरुवार को 1730 वाहन बिके जिसमें 1385 कार, 267 टू्-व्हीलर और 78 अन्य वाहन थे। इसी तरह मेला अवधि में गुरुवार तक कुल 35717 वाहन बिके। इसमें कार 27885, टू-व्हीलर 6121 और अन्य गुड्स व्हीकल 1711 शामिल हैं। आपको बता दें कि विक्रम व्यापार मेला पिछले सालों के मुकाबले इस बार बड़े स्वरूप में आयोजित किया गया है। मेले में चौपहिया वाहनों की 123 दुकानें, दोपहिया वाहनों की 40 दुकानें और फूड जोन की 60 दुकानें सहित कुल 223 दुकानें हैं।
मेले की बढ़ाई थी अवधि
यह मेला पहले 19 मार्च को समाप्त होना था लेकिन वाहनों की बिक्री को देखते हुए इसकी अवधि 10 दिनों के लिए बढ़ा दी गई। अब यह मेला 29 मार्च तक चलेगा। इस विस्तार से वाहन खरीदारों को छूट का लाभ उठाने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
पिछले साल बिके थे 36225 वाहन
शहर में वाहन मेले की शुरुआत वर्ष 2024 में दशहरा मैदान पर हुई थी। वहां जगह की कमी को देखते हुए इसे वर्ष 2025 में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज ग्राउंड पर आयोजित किया गया ताकि जगह की कोई कमी ना रहे। पहले साल 23705 वाहन बिके थे। इससे शासन को 122.11 करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई थी। वर्ष 2025 के मेले में 36225 वाहन बिके। इससे शासन को 186.58 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ। इस बार मेले का यह तीसरा आयोजन है। वाहनों की खरीदी को देखते हुए उम्मीद है कि इस बार पिछला रिकॉर्ड टूट जाएगा।









