संजीवनी अस्पताल में नवजात की मौत, डॉक्टर पर आरोप

उज्जैन। संजीवनी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक नवजात की गर्भ में ही मौत के मामले में परिजनों ने डॉ. शिल्पा कोठारी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस संबंध में माधवनगर थाने में आवेदन दिया है। डॉक्टर ने भी परिजनों के खिलाफ आवेदन दिया है। मीडिया को आगर के अभिषेक मालवीय ने बताया कि पत्नी महक (23) का डॉ. शिल्पा कोठारी इलाज कर रही थीं। 19-20 मार्च को महक के चैकअप के बाद डॉ. कोठारी ने सामान्य बताया था।
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20 मार्च को तकलीफ होने पर उसे संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां डॉ.कोठारी नाराज हुईं और उन्होंने ठीक से इलाज नहीं किया। ऑपरेशन की अनुमति देने के बाद भी ऑपरेशन नहीं किया। एक पुरुष अटेंडर और नर्स से महक पर दबाव बनाया। इस वजह से बच्ची की गर्भ में ही मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर कोठारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ऑपरेशन सहमति में देरी से बच्ची की मौत
इधर डॉ. शिल्पा कोठारी ने माधव नगर थाने में आवेदन देकर महक के परिजनों पर आपरेशन की सहमति देरी से देने का आरोप लगाया है। हंगामा करने पर उन पर कार्रवाई की मांग भी की गई। कोठारी के मुताबिक सहमति मिलने के मात्र 10 मिनट के भीतर ऑपरेशन किया गया, लेकिन निर्णय में हुई देरी के कारण नवजात को नहीं बचाया जा सका।
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