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समाजसेवी डॉ. रवि सोलंकी ने बचाई जान

गरोठ रोड के नीचे मरणासन्न मिले युवक को अपनी कार में लेकर पहुंचे अस्पताल, अब हालत ठीक

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। चुपचाप रहकर अपना काम करने वाले समाजसेवी डॉ. रवि सोलंकी ने गुरुवार-शुक्रवार की रात एक युवक को नई जिंदगी दे दी। गरोठ रोड के नीचे सड़क हादसे में मरणासन्न हालत में मिले युवक को चिकित्सा मदद मिलने मेंं अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो उसकी जान जा सकती थी, मगर डॉ. सोलंकी ने एंबुलेंस का इंतजार नहीं किया, वह खुद युवक को कार में लेकर चरक अस्पताल पहुंचे और इलाज करवाया। युवक अब ठीक है।

भैरवगढ़ के रहने वाले 18 साल के धीरज पिता दीपक को गरोठब्रिज के नीचे रात 12.30 बजे एक आयशर ने टक्कर मार दी थी। उसकी हालत गंभीर थी। सिर से खून बह रहा था और एक पैर टूट गया था। वह जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा था। इसी दौरान बच्चूखेड़ा से एक कार्यक्रम में शामिल होकर उज्जैन लौट रहे डॉ. रवि सोलंकी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने जब युवक को सड़क पर पड़ा देखा तो तत्काल एसपी प्रदीप शर्मा को सूचना दी।

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हादसे की गंभीरता को देखते हुए डॉ. सोलंकी ने पलभर की भी देरी नहीं की और खुद युवक को अस्पताल ले जाने का फैसला किया। उन्होंने ड्राइवर राकेश नायक की मदद से युवक को पिछली सीट पर लिटाया और चरक अस्पताल चल दिए। इस बीच फोन पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को भी सूचना दे दी। उनके चरक पहुंचने से पहले स्ट्रेचर तैयार था, युवक को तत्काल ओटी में ले जाया गया और उसकी चिकित्सा शुरू की गई। अगर उपचार मिलने में थोड़ी भी देर हो जाती तो युवक की जान जा सकती थी। धीरज की हालत अब ठीक है। उसने जान बचाने के लिए डॉ. रवि सोलंकी का शुक्रिया अदा किया है। हालांकि शनिवार को धीरज निजी अस्पताल मे शिफ्ट हो गया।

राहवीर के लिए दिया ड्राइवर का नाम
ऐसे समय में जबकि समाज सेवा के नाम पर दिखावे का चलन चल रहा है डॉ. रवि सोलंकी ने इस काम का श्रेय खुद लेने की बजाय ड्राइवर राकेश नायक को दिया और राहवीर के लिए उनका नाम एसपी को बताया। राहवीर योजना में हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपए का इनाम दिया जाता है।

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