Advertisement

सरकार से भी पहले स्कैमर ने लागू किया ‘8वां वेतन आयोग’

पुलिस की बढ़ी टेंशन, देशभर में नागरिकों को अलर्ट जारी…

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

8वें वेतन आयोग के नाम पर नाम APK. स्कैम का नया तरीका

नईदिल्ली, एजेंसी। 8वें वेतन आयोग को लेकर देश भर के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों में बेहद उत्सुकता है। अगर यह तय समय सीमा में लागू किया जाता है तो एरियर की रकम लाखों में पहुंच सकती है। हर कोई अपने तरीके से गुणा भाग का गणित लगा रहा है। लेकिन 8वें वेतन आयोग की हलचल के बीच अधिकतर राज्यों की साइबर पुलिस और एजेंसियों की स्कैमर ने टेंशन बढ़ा दी है। यह टेंशन 8वें वेतन आयोग की APK. फाइल है जिसे इन दिनों स्कैमर धड़ाधड़ मोबाइल यूजर्स को भेज रहे है।

Advertisement

इसकी वजह से कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में सेंध लगने का खतरा पैदा हो गया है। दिल्ली समेत देश के छोटे बड़े शहरों में पुलिस के पास तमाम शिकायतें पहुंच रही हैं, जिसकी वजह से लगभग हर राज्य की पुलिस को अपने नागरिकों के लिए अलर्ट एडवाइजरी जारी करनी पड़ रही है। इसी कड़ी में गृह मंत्रालय की 14C और साइबर यूनिट ने भी एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि सरकारी कर्मचारियों को वट्सएप पर मेसेज भेजकर कहा जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग लागू होने पर उनकी सैलरी कितनी होगी, यह जानने के लिए एक एपीके फाइल डाउनलोड करें।

पुलिस की पब्लिक को सलाह

Advertisement

सरकार कभी भी वेतन आयोग से जुड़ी जानकारी ्रश्चद्म. फाइल या निजी लिंक के जरिए नहीं भेजती

अगर किसी को ऐसा मैसेज आए तो उसे तुरंत डिलीट करें और किसी भी लिंक पर क्लिक न करें

अगर गलती से APK. डाउनलोड हो जाए तो तुरंत फाइल मैनेजर में जाकर अनइंस्टॉल कर दें

अपने बैंक अकाउंट के ट्रांजेक्शन को होल्ड कर दें, किसी को भी ह्रञ्जक्क, बैंक डिटेल या स्क्रीन एक्सेस साझा न करें

सैलरी, पेंशन या पे-कमीशन की आधिकारिक जानकारी सिर्फ सरकारी वेबसाइट https://}cpc. gov.in// पर ही देखें।

क्या है APK. फाइल डाउनलोड स्कैम

APK (Android Package Kit) से नए नए ट्रेंड के स्कैम हो रहे है। पुलिस का कहना है कि एपीके एक थर्ड पार्टी ऐप के तौर पर इस्तेमाल या इंस्टॉल कराया जाता है। अगर आप प्ले स्टोर के बजाय किसी अन्य जगह से APK डाउनलोड करके इंस्टॉल करते हैं तो उससे आपके मोबाइल में वायरस और स्पैमिंग का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि यह कोई नहीं जानता कि उस एप्लीकेशन को किस मकसद से बनाया गया है, और वह क्या-क्या डेटा आपका चुरा सकता है। अगर आपको कोई APK फाइल मिलती है, तो उसे बिल्कुल भी डाउनलोड न करें।

Related Articles

Write a review