Advertisement

सीएम बोले- परिवार पेंशन में अब तलाकशुदा बेटी भी बनेगी हकदार

मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए कई फैसले, पेंशन का नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

भोपाल। मोहन यादव कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के साथ प्रदेश में 2005 के बाद नियुक्त किए गए कर्मचारियों की परिवार पेंशन को लेकर कर्मचारी हित में बड़ा फैसला किया है। कैबिनेट ने नेशनल पेंशन स्कीम में यह सुविधा दी है कि परिवार पेंशन के अंतर्गत अब तलाकशुदा बेटी भी पेंशन की हकदार होगी। अब तक यह व्यवस्था एमपी के कर्मचारियों के लिए लागू नहीं थी। 2005 के पहले नियुक्त कर्मचारियों के परिवारजनों को इस सुविधा का लाभ मिल रहा था, लेकिन 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के परिजन इससे वंचित थे।

मोहन कैबिनेट के इस फैसले से तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के परिजनों को पेंशन योजना के प्रावधान में किए गए बदलाव का फायदा मिलेगा। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत उपदान का संदाय) नियम 2026 का अनुमोदन किया है। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होंगे। नियम के प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। बताया गया कि पेंशन पा रहे कर्मचारी की मृत्यु की दशा में परिवार पेंशन का प्रावधान किया गया है। इसमें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और ई-सेवा पुस्तिका संबंधी प्रावधान किया गया है। साथ ही केन्द्र तथा मध्यप्रदेश शासन की पूर्व सेवाओं को जोड़ा जाएगा।

Advertisement

निलंबन अवधि में अभिदाता तथा नियोक्ता के अंशदान का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत अंशदान की दर, गणना एवं विलंब की स्थिति में उत्तरदायित्व निर्धारण के साथ सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र एवं मृत्यु की दशा में निकास प्रावधान किया गया है। विभागीय जांच की अवधि में नियोक्ता के अंशदान का भुगतान रोका जाना, सेवानिवृत्ति के तीन माह पूर्व अभिदाता अंशदान रोका जाना और सेवानिवृत्ति उपरांत विभागीय जांच संस्थित किए जाने का प्रावधान के साथ नियमों के निवर्तन और शिथिलीकरण के संबंध में राज्य शासन की शक्ति के प्रावधान शामिल है।

न्यायालय कर्मचारियों को छूट- कैबिनेट ने उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कम्प्यूटर आपरेटर के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की चालू और भविष्य में होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए सिर्फ एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट की स्वीकृति दी गई। वर्तमान में अनारक्षित वर्ग के लिए 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष की आयु सीमा तय है।

Advertisement

जनजातीय कार्य विभाग और महिला बाल विकास की योजनाओं को चालू रखने का फैसला- कैबिनेट द्वारा वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रुपए, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703 करोड़ 15 लाख रुपए दिए गए हैं।

Related Articles

Write a review