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सुरक्षा मांगने वाली पीडि़ता के ठिकाने पर पहुंची दिल्ली पुलिस, पड़ताल शुरू

दुष्कर्म के आरोपों के बाद उत्तम स्वामी ने तबीयत का हवाला देकर छोड़ी कथा

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राजस्थान की युवती ने लगाया है आरोप, उज्जैन से गहरा संपर्क है स्वामी का

अक्षरविश्व न्यूज जबलपुर/भोपाल। दुष्कर्म के गंभीर आरोपों से घिरे कथावाचक और तंत्र गुरु उत्तम स्वामी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी पीडि़ता के ठिकाने पर पहुंचे और जानकारी ली। पीडि़ता ने आरोप लगाया है कि उसके के साथ दुष्कर्म की शुरुआत उज्जैन की एक होटल से शुरू हुई थी। यहां से शुरू हुआ सिलसिला इंदौर, भोपाल से लेकर दिल्ली तक चलता रहा।

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दिल्ली की होटलों में तो कई बार उसके साथ दुष्कर्म हुआ, जिसके चलते दिल्ली पुलिस कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पीडि़ता का कहना है कि परिवार पर दबाव डालकर उसे भोपाल बुलाया गया और कर्मकांड व ध्यान क्रिया की आड़ में दुष्कर्म किया। राजस्थान, नर्मदापुरम में भी उत्पीडऩ के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उत्तम स्वामी द्वारा उपयोग किए जा रहे तीन मोबाइल नंबर महिलाओं के नाम से जारी हैं।
फिलहाल हाईप्रोफाइल गुरु उत्तम स्वामी ने जबलपुर में चल रही अपनी कथा से दूरी बना ली है। शुक्रवार को वे तबीयत खराब होने का हवाला देकर व्यासपीठ पर नहीं पहुंचे।

स्वामी का बांसवाड़ा से शुरू हुआ सफर

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मूलत: बांसवाड़ा में आश्रम चलाने वाले उत्तम स्वामी ने सनातन में अपने धार्मिक जीवन की शुरुआत बांसवाड़ा से ही की थी। 22 जुलाई 2013 को गुरु पूर्णिमा पर उदयपुर रोड स्थित रवींद्र ध्यान केंद्र के रूप में पहला आश्रम खोला था, जिसका नाम बाद में उत्तम सेवा धाम कर दिया गया। इसके बाद विभिन्न तीर्थस्थलों पर उनके आश्रम बनाए। आश्रम से जुड़े लोगों के अनुसार वे शुरुआत में महर्षि और फिर खुद को ध्यानयोगी कहने लगे। उज्जैन में उनके समर्थकों का एक बड़ा तबका है। अब यह कांड उजागर होने के बाद स्वामी से दूरी बनाने में लगा हुआ। इस तबके के लोगों का कहना है कि उनसे स्वामी के सपंर्क सतही थे। स्वामी उज्जैन में सावन-भादौ मास में कावड़ यात्रा भी निकालते हैं।

अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप प्रयागराज कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया

प्रयागराज। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों के यौन शोषण मामले में प्रयागराज कोर्ट ने फैसला रिजर्व रख लिया है। इस मामले में आशुतोष महाराज ने शिकायत की थी। आशुतोष महाराज ने जज विनोद कुमार चौरसिया के सामने कहा- 2 शिष्यों ने मेरे पास आकर अपने साथ हुए यौन शोषण की कहानी सुनाई। शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच करनी चाहिए। मुझे न्यायपालिका से ही इंसाफ की उम्मीद है। इसके बाद शंकराचार्य की तरफ से वकील ने जिरह की। कहा- ये सिर्फ आरोप हैं, हमें केस की तैयारी के लिए थोड़ा वक्त चाहिए। आशुतोष महाराज ने जज से कहा- मेरी कार को बम से उड़ाकर मुझे मारने की धमकी दी जा रही। मेरी हत्या हो सकती है।

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