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हिमाचल में भारी बारिश ने मचाई तबाही, 300 से ज्यादा लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश जबरदस्त आपदा से गुजर रहा है। इसके पहाड़ दरक रहे हैं। यहां दो साल में भूस्खलन की घटनाएं 6 गुना बढ़ गई हैं। इस मानसून के 55 दिन में 113 बार भूस्खलन हुआ है। बारिश और लैंडस्लाइड से जुड़ी घटनाओं में 330 लोगों की मौत हो चुकी है।

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हिमाचल में लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्र बढ़कर 17120 हो गए हैं। इनमें भी 675 के किनारे इंसानी बस्तियां हैं। शिमला में कई सरकारी भवन भूस्खलन के खतरे की जद में हैं।हिमाचल में 68 सुरंगें बन रही हैं। इनमें 11 बन चुकी हैं, 27 निर्माणाधीन हैं और 30 विस्तृत परियोजना की रिपोर्ट तैयार हो रही हैं।

इनमें कई प्रोजेक्ट केंद्र के हैं। इससे राज्य में भूस्खलन के जोखिम वाले क्षेत्र बढ़ेंगे।उधर, उत्तरप्रदेश के 14 जिलों पर सूखे का खतरा मंडरा रहा है। इनमें बुंदेलखंड के 7, पूर्वी उप्र के 6 और तराई का एक जिला शामिल है। राज्य के 75 में से आधे जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।

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इस बीच शुक्रवार को राज्य सरकार ने स्टेट डिजास्टर घोषित करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कुछ देर में इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी।

स्टेट डिजास्टर घोषित होने के बाद प्रदेश में राहत एवं बचाव कार्य में तेजी आ सकेगी। सरकार ज्यादा फोकस के साथ तबाह हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर को दोबारा बनाने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए सरकार को अतिरिक्त फंड का भी प्रावधान करना होगा।

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छत्तीसगढ़ सरकार ने हिमाचल के लिए 11 करोड़ रुपए सहायता राशि देने का ऐलान किया है। राज्य आपदा अधिकारियों के मुताबिक, हिमाचल में इस सीजन बारिश के चलते 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

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