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100 से अधिक डिप्लोमा-सर्टिफिकेट कोर्स में जीरो एडमिशन

नेक से प्राप्त बी ++ ग्रैड के विक्रम विश्वविद्यालय से छात्रों ने बनाई दूरी

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उज्जैन।विक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन भले ही नैक से मिली बी डबल प्लस ग्रेड को ए के समकक्ष बता रहा हो, लेकिन विवि की हकीकत को संस्था में प्रवेश की स्थिति बयां कर रही है। वर्तमान सत्र की बात करें, तो छात्रों ने विक्रम विश्वविद्यालय से दूरी बनाई हैं। 100 से अधिक डिप्लोमा-सर्टिफिकेट कोर्स की हालत तो यह है कि उनमें एडमिशन जीरो हैं।

नैक मूल्याकंन के लिए कई पैमाने और मानक है, उनमें से एक संस्थान में स्टूडेंटस् स्ट्रेंथ भी है। संस्थान भले ही कितने भी कोर्स प्रारंभ कर लें, लेकिन स्टूडेंटस् स्ट्रेंथ भी अच्छी होना चाहिए। बहरहाल वर्तमान सत्र की बात करें, तो 245 स्नातक व स्नातकोत्तर और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का संचालन का दावा करने वाले विक्रम विश्वविद्यालय से छात्रों ने दूरी बनाई हैं।

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नए व पुराने करीब 245 स्नातक व स्नातकोत्तर और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रक्रिया जून माह से प्रारंभ हुई थी। इधर पाठ्यक्रमों की सीटें भरने के लिए विश्वविद्यालय ने कई मर्तबा प्रवेश की तिथि बढ़ाई है। इसके बाद भी करीब सौ से अधिक पाठ्यक्रमों में जीरो की स्थिति है। वहीं करीब 50 पाठ्यक्रमों में अधिकतम 5 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है।

विक्रम विश्वविद्यालय की करीब 30 से अधिक अध्ययनशाला में प्रवेश के लिए जून से प्रवेश लिंक शुरू होने के बाद अंतिम तिथि सितंबर तक तिथि बढ़ाई थी। प्रवेश पूर्ण नहीं होने पर 30 सितंबर से फिर 15 अक्टूबर और इसके बाद 31 अक्टूबर प्रवेश के लिए बढ़ाई है। एक बार फिर से इसमें वृद्धि कर दी गई है। इस दौरान करीब दो हजार विद्यार्थियों ने फीस जमा कर प्रवेश लिया है। 

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खास बात यह है कि दो हजार प्रवेशित विद्यार्थियों में विश्वविद्यालय की नार्मल प्रवेश प्रक्रिया, सीयूटी की परीक्षा देने वाले और हाल ही में डीटीई (तकनीकी शिक्षा संचालनालय भोपाल) से होने वाले प्रवेश भी शामिल है। विक्रम विवि ने छात्रों का रूझान बढ़ाने के लिए सर्टिफिकेट व पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुुरू किए हंै। आश्चर्य की बात यह है कि दोनों कोर्स में करीब 100 से अधिक पाठयक्रमों में एक भी छात्र ने प्रवेश शुल्क जमा नहीं किया है। यहां प्रवेेश शुल्क जमा कराने में जीरो की स्थिति है।

वहीं करीब 50 पाठ्यक्रमों में एक-दो या पांच विद्यार्थियों के प्रवेश हुए हैं। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से जो फीस आ रही है, उससे कहीं अधिक शिक्षक के वेतन पर खर्च उठाना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रवेश की क्या स्थिति है। डीटीई के माध्यम से जहां हजारों विद्यार्थियों के आने की उम्मीद जताई जा रही थी, उसके तहत अभी तक करीब 125 प्रवेश हुए है।

सीयूटी के विद्यार्थियों के लिए सत्र

विश्वविद्यालय के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार पूर्व में प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सत्र प्रारंभ हो चुका है। वहीं सीयूटी के माध्यम परीक्षा देकर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए शासन के निर्देश पर 1 नवंबर से सत्र की शुरूआत होगी। हालांकि पढाई में पिछडऩे के प्रश्न पर शिक्षकों का कहना नए विद्यार्थियों को पूर्व के विद्यार्थियों के साथ लाने के लिए एक्सट्रा क्लासेस लगाकर पढ़ाई कराई जाएगी। विश्वविद्यालय में वैसे भी सीयूटी के माध्यम से अभी तक करीब 120 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। बता दें कि शासन के नियमों के तहत विद्यार्थी के प्रवेश लेने और परीक्षा होने के बीच 90 दिनों का अंतराल जरूरी है। arturia pigments crack arturia filters crack 

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अभी अंतिम तिथि में समय है। प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। आवेदन करने वाले छात्रों का प्रवेश होना है। उम्मीद है अधिकतम प्रवेश होंगे।-डॉ. शैलेंद्र शर्मा, कुलानुशासक विक्रम विश्वविद्यालय

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