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118 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी यात्रा का रास्ता देखने बस से पहुंचे आला अधिकारी

नागचंद्रेश्वर की पूजा के साथ निरीक्षण शुरू, उंडासा और पिंगलेश्वर पड़ाव पर खुले कुओं की बैरिकेडिंग के निर्देश

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। तपने वाले वैशाख मास में होने वाली 118 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी यात्रा की तैयारी पुख्ता करने के लिए आला अधिकारी शनिवार की सुबह बस से निकल पड़े। 12 अप्रैल से पंचक्रोशी यात्रा शुरू होगी।

कमिश्नर आशीषसिंह, कलेक्टर रौशनकुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन ने अपने दौरे की शुरुआत पटनीबाजार स्थित नागचंद्रेश्वर महादेव से की। बस में सवार होकर वह पहले पड़ाव उंडासा पहुंचे और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। पंचक्रोशी यात्रा की शुरुआत नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर से होती है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सबसे पहले यहीं भगवान का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।

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यहां यह दिए निर्देश
मंदिर परिसर की पेयजल टंकियों की सफाई, सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त लाइटिंग और श्रद्धालुओं को जानकारी देने के लिए एलईडी स्क्रीन्स लगाने के निर्देश दिए। पिंगलेश्वर पड़ाव पर लाइट की पर्याप्त व्यवस्था के साथ अस्थायी शौचालय बनाने के निर्देश दिए। ओवरब्रिज पर सीसीटीवी लगाने और लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। अफसरों ने कहा कि पंचक्रोशी भरी गर्मी में होगी, ऐसे में हर पड़ाव और उपपड़ाव के साथ रास्तें में भी जल व्यवस्था की जाए।

रास्तों में पेयजल का इंतजाम करने के निर्देश
यात्रा मार्ग पर आने वाले सभी बड़े और खुले कुओं की अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए। ताकि अनहोनी नहीं हो। भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्य पड़ाव स्थल के साथ दो पड़ावों के बीच भीे पेयजल की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा। पड़ाव स्थल के पेड़ों से मधुमक्खियों के छत्ते हटाने के निर्देश भी दिए।

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निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा को सफाई व्यवस्था, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट और वन मंडल अधिकारी अनुराग तिवारी को मार्ग की अन्य बाधाओं को दूर करने की जिम्मेदारी दी गई। एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी साथ थे अधिकारियों का निरीक्षण दिनभर चलेगा। इस दौरान यात्रा मार्ग व सभी पड़ावों की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। पंचक्रोशी यात्रा में पांच मुख्य और २ उपपड़ाव आते हैं। यात्रा का समापन नागचंद्रेश्वर पर होता है।

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